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कोरोना का बुरा समय टल गया, जनवरी से टीकाकरण : डॉ हर्षवर्द्धन

रिकवरी रेट में भारत विकसित देशों से काफी आगे है

New delhi : देश में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है. रोजाना औसतन 20 हजार से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं. टीकाकरण की योजना पर काम हो रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि हमारे यहां दुनिया के विकसित देशों के मुकाबले कोरोना रिकवरी रेट सबसे अधिक है. देश में कोरोना का बुरा समय टल गया है.

दावा, भारत में रिकवरी रेट सर्वाधिक

स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि देश में 95 से 96 फीसद के बीच रिकवरी रेट है. अमेरिका, रूस और ब्राजील जैसे दुनिया के कुछ विकसित देशों में रिकवरी रेट 60 से 80 फीसद के बीच है. इससे जाहिर होता है कि भारत बेहतर स्थिति में है.

उन्होंने कहा, हमारे यहां कोरोना से होने वाली मृतकों की दर 1.45 प्रतिशत है. मुझे लगता है कि बुरा वक्त शायद खत्म हो गया है लेकिन अभी भी सावधानी की जरूरत है. कोरोना के खिलाफ मुख्य हथियार मास्क, हाथों को साफ करना और शारीरिक दूरी ही है, जिसका हम सभी को पालन करने की जरूरत है.

जनवरी में कभी भी शुरू हो सकता है टीकाकरण

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, भारत में जनवरी से कोरोना वायरस के खिलाफ लोगों का टीकाकरण शुरू हो सकता है और सरकार की पहली प्राथमिकता वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावकारिता है. उन्होंने कहा, मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि शायद जनवरी में किसी भी सप्ताह में, ऐसा समय हो सकता है जब सरकार भारत के लोगों को कोरोना की पहली वैक्सीन देने की स्थिति में हो.

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डॉ हर्षवर्धन ने कहा, कोरोना वायरस के बारे में अधिक सोचना सबसे बुरा है, लेकिन लोगों को सुरक्षित रहने के लिए कोविड को लेकर बनाए गए नियमों का पालन करना होगा. उन्होंने कहा, मैं इस स्थिति का ठीक उसी समय से अनुसरण कर रहा हूं जब 30 जनवरी, 2020 को देश में पहला मामला सामने आया था। देश में कोरोना वायरस के संक्रमितों का मिलना जारी है, हर दिन 20 हजार से अधिक लोग वायरस की चपेट में आ रहे हैं. सरकार अगले साल से टीकाकरण करने की योजना पर काम कर रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि हमारे यहां दुनिया के विकसित देशों के मुकाबले कोरोना रिकवरी रेट सबसे अधिक है.

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