
Ranchi : जल्द ही राज्य के सात जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी. ये जिले डीवीसी कमांड एरिया के हैं. जिन्हें झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड अपने अधीन ले लेगा. मतलब इन जिलों में जेबीवीएनएल अपना ट्रांसमिशन लाइन और बिजली देगा. इसकी तैयारी पिछले तीन साल से जारी है. कुछ क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइन और कनेक्टिविटी की समस्या थी. जिसे हल कर लिया गया है.
विभिन्न इलाकों में सब स्टेशन तैयार
जेबीवीएनएल की मानें तो निगम का अपना ट्रांसमिशन लाइन होने से डीवीसी पर निर्भरता कम होगी. हालांकि, पिछले कुछ सालों से इन सात जिलों के कुछ इलाकों में ट्रांसमिशन लाइन और सब स्टेशन बना लिये गये हैं. हालांकि विभिन्न पहलूओं पर सहमति नहीं बनने के कारण, इसे शुरू नहीं किया जा सका है. अब इसे जल्द शुरू किया जायेगा. आने वाले साल मार्च के बाद इन इलाकों में जेबीवीएनएल अपनी बिजली दे सकता है. बता दें पिछले कुछ महीनों डीवीसी की ओर से इन सात जिलों में बिजली कटौती का अल्टीमेटम समय-समय पर दिया जाता रहा है. जिससे इन जिलों के उपभोक्ताओं को खासी परेशानी होती है.
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जैनामोड़ से कनेक्टिविटी मिलते बहाल होगी बिजली आपूर्ति
जानकारी मिली है कि इन सात जिलों में ट्रांसमिशन लाइन का काम पूरा कर लिया गया है. कनेक्टिविटी नहीं दी गयी है. इन जिलों में निगम को अपनी बिजली बहाल करने के लिये पुरूलिया और बांकुड़ा से ट्रांसमिशन लाइन गयी हुई है. इन जिलों में कनेक्टिविटी के लिये पश्चिम बंगाल सरकार से सहमति बन गयी है. जो पिछले कुछ सालों से लंबित था. ऐसे में पुरूलिया और बांकुड़ा से कनेक्टिविटी शुरू होते ही, इसे जैनामोड़ स्थित लाइन से जोड़ा जायेगा.
जिससे कनेक्टिविटी मिल सकती है. वहीं पुरूलिया लाइन से गोविंदपुर को और गोविंदपुर को देवघर ट्रांसमिशन लाइन से जोड़ा जायेगा. चास में भी लाइन बन कर तैयार है. ऐसे में पुरूलिया और बंाकुड़ा से कनेक्टिविटी मिलते ही इसे शुरू कर दिया जायेगा. जेबीवीएनएल के पीआरओ एमपी यादव ने बताया कि इसमें जल्द काम पुरा हो जायेगा. कई समस्याएं थे, जो अब हल हो गयी है. डीवीसी पर निर्भरता कम होगी.
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लगभग एक सौ करोड़ की है योजना
यह योजना लगभग एक सौ करोड़ की है. जिस पर तीन साल से काम किया जा रहा है. जून महीने में सरकार ने चतरा जिला में पहला ट्रांसमिशन लाइन और सब स्टेशन शुरू किया. वहीं इस दौरान गिरिडीह और देवघर का जसीडीह प्रखंड से डीवीसी की निर्भरता खत्म हुई. ऐसा करने से डीवीसी से खरीदी जाने वाली बिजली में लगभग एक सौ मेगावाट की निर्भरता कम हुई. बता दें देवघर, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, कोडरमा जिला के उपभोक्ता इससे लाभान्वित होंगे. इसके पहले इन जिलों को केंद्रीय पुल से भी नहीं जोड़ा गया था. ऐसे में इन लाइनों के शुरू होने से इन जिलों के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.
बार बार दिया जाता है कटौती का अल्टीमेटम
फरवरी महीने से लगातार डीवीसी जेबीवीएनएल को बिजली कटौती करने का अल्टीमेटम दे रही है. इस बार भी डीवीसी की ओर से अल्टीमेटम दिया गया है. जिसके लिये 13 दिसंबर से बिजली कटौती का अल्टीमेटम है. जेबीवीएनएल हर महीने डीवीसी से 250 करोड़ की बिजली लेती है. चतरा, जसीडीह और गिरिडीह में अपना लाइन होने से ये राशि कम हुई है.
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