
Ranchi: राजधानी के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए चर्चित हत्याकांड का दो वर्ष बाद भी पुलिस खुलासा नहीं कर पायी है. एक मामले में तो हत्यारोपी के बारे में पूरी जानकारी होने के बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही है.
घटना के बाद दोनों ही मामलों में एसएसपी के आदेश पर एसआइटी का गठन किया गया था लेकिन इसके बाद भी कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी. एसआइटी की टीम भी पूरी तरह से फेल साबित हुई.
अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित साधना न्यूज़ चैनल के दफ्तर में हुए अग्रवाल बंधु हत्याकांड में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी को नहीं गिरफ्तार कर पायी है. हालांकि हेमंत अग्रवाल तथा महेंद्र अग्रवाल के शव मिलने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस को इस बात की जानकारी मिल गयी थी कि लोकेश चौधरी ने अपने सुरक्षा गार्ड के साथ मिलकर अग्रवाल बंधु की गोली मारकर हत्या की थी.
वहीं लालपुर थाना क्षेत्र स्थित सब्जी बाजार में 7 जुलाई 2018 को गुरु नानक स्कूल के शिक्षक शिव प्रसाद की हत्या के मामले में भी पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. शिक्षक शिवप्रसाद हत्याकांड में पुलिस इस निष्कर्ष पर भी अब तक नहीं पहुंच पायी है कि आखिर किस वजह से उसे गोली मारकर हत्या की गयी है.
मालूम हो कि 7 जुलाई 2018 की रात स्कूटी सवार दो अपराधियों ने सब्जी बाजार में शिवप्रसाद को गोली मार दी थी. घटना के बाद से पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही है और अपराधियों के बारे में जानकारी उठाकर उसे गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है.
वही 7 मार्च 2019 को हेमंत अग्रवाल तथा महेंद्र अग्रवाल को अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित अशोक नगर में एक निजी न्यूज़ चैनल के दफ्तर में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.
हत्याकांड के बाद दोनों ही मामलों में तत्कालीन एसएसपी ने दो बार एसआइटी का भी गठन किया था लेकिन इसके बाद भी कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी.
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अग्रवाल बंधु हत्याकांड के मुख्य आरोपी का नेपाल में मिला था लोकेशन
अग्रवाल बंधु हत्याकांड के मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी का पुलिस को अंतिम लोकेशन नेपाल में मिला था. उसे गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस टालमटोल करती रही और कोविड का बहाना भी हो गया.
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