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डालसा की पहल : जब गाड़ियां नहीं चलीं, तब भी मानसिक रोगियों की दवाएं घर तक पहुंचायीं

Ranchi : कोरोना के इस दौर में ज्यादातर लोगों ने काफी परेशानियां झेली. पर रिनपास में इलाज करानेवाले मानसिक रोगियों की हालत और भी बद्तर होने लगी थी. जब लॉकडाउन लगा उस दौरान कई रोगियों को उनके परिजन घर ले गये. उन रोगियों को दवाओं की जरूरत पड़ी तो उनके पास दवा हासिल करने का कोई जरिया नहीं था क्योंकि वे दवाएं हर जगह सुलभ नहीं थी.

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इनमें पांच सौ से ज्यादा मरीज पटना और हाजीपुर के थे जिन्हें उऩके घर तक दवाएं उपहब्ध करायी गयी. उस दौरान रिनपास में कार्यरत लीगल एड क्लिनिक ही इन रोगियों और उनके परिजनों का सहारा बना. यह लीगल एड क्लिनिक जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधीन काम करता है. क्लिनिक से जुड़े अधिवक्ता और पारा लीगल वालंटियर ने रोगियों की दवाओं को उनके घर तक पहुंचाने का काम किया.

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 रिनपास के मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया

प्राधिकार के सचिव अभिषेक कुमार ने बताया कि मीडिया के जरिये रिनपास के मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया था. जितने लोगों ने भी हमसे संपर्क किया. रिनपास से उनके लिए दवाओं को मंगाकर उनके घरों तक पहुंचाया गया. वे कहते हैं रांची के लोकल रोगियों के अलावा, तमाड़, सरायकेला, देवघर और बिहार के पटना तथा हाजीपुर के मरीजों तक दवाएं पहुंचाई गयी.

कई लोगों ने व्हाट्सएप पर पुर्जे भेजे थे. उसी के आधार पर दवाईयां पहुंचायी गयी. अगर यह काम नहीं हुआ होता तो बड़ी संख्या में मानसिक रोगियों की बिगड़ जाती.

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