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कृषि कानून से किसान गढ़ेंगे सफलता के नये सोपान,  इंटरनेशनल मार्केट में मजबूत होगी भारतीय किसानों की पैठ : अर्जुन मुंडा

मंडियों के अलावा कहीं भी अपने उत्पादों को बेचने को किसान स्वतंत्र

Ranchi : नये कृषि कानून से देश के किसानों को बड़ा लाभ मिलने का दावा केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने किया है. प्रदेश भाजपा कार्यालय में शनिवार को मीडिया से उन्होंने कहा कि अब किसान केवल मंडियों के मोहताज नहीं रहने वाले. नये कानून से उनके उत्पाद अब इंटरनेशनल मार्केट तक जायेंगे. इससे किसान आत्मनिर्भर बनेंगे, साथ ही देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी. वास्तव में किसानों को अब असल ताकत दी गयी है. विपक्ष कृषि कानून पर केवल भ्रम फैला रहा है. प्रेस वार्ता में सांसद और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश भी उपस्थित थे.

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एनडीए सरकार किसान हितैषी 

अर्जुन मुंडा ने कहा कि एनडीए सरकार 2014 से ही लगातार किसान हित में फैसले लेती रही है. उनकी आय दोगुनी करने पर सरकार का जोर है. पीएम नरेंद्र मोदी ने किसान हित में किसान सम्मान निधि की पहल की. 1 लाख करोड़ से अधिक की व्यवस्था की. सीधे किसानों के खाते में पैसे भेजे गये. 2014 से 2019 के बीच अनाज की खरीदारी में केंद्र सरकार ने नये रिकॉर्ड बनाये. सत्ताइस सौ नब्बे लाख मीट्रिक टन धान खरीदे गये. इससे पहले यूपीए के शासन में चौबीस सौ 94 लाख एमटी धान ही खरीदे गये थे. इसी तरह यूपीए सरकार ने गेहूं की खरीद पर 1 लाख 68 हजार करोड़ रुपये खर्च किये थे. एनडीए ने 2 लाख 87 हजार करोड़ खर्च किये. तेलहन पर यूपीए के समय 10 हजार 183 करोड़ जबकि एनडीए ने 25 हजार करोड़ रुपये क्रय पर खर्च किये थे.

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व्यापारी की तरह किसानों को भी हक

बाजार के हिसाब से व्यापारी प्रोडक्ट्स सेलेक्ट करके खरीद बिक्री करते हैं. नये कानून से किसानों को हक होगा कि वे बाजार की डिमांड के हिसाब से फसल लगायेंगे. किसी कंपनी या पार्टी के साथ फसल के लिये एग्रीमेंट होने से उन्हें अपने फसल के लिये पहले ही पैसे मिल जायेंगे. इससे किसानों को फसलों को तैयार करना, घर या मंडियों तक ले जाने की चिंता से भी राहत मिलेगी. किसान चाहे तो मंडियों में जाकर भी अपनी फसल बेच सकते हैं. मुंडा के अनुसार नये कानून से देश में फसल की पैदावार बढ़ेगी, किसानों को लाभ मिलेगा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारतीय किसानों के उत्पादों की पैठ बढ़ेगी.

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