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4 महीने बाद लोहरदगा जिला प्रशासन को हुई मोर के मारे जाने की जानकारी, डीएफओ ने दिया कार्रवाई का आदेश

  • ट्विटर पर ग्रामीण ने दी पीएमओ से लेकर सीएम तक को जानकारी
  • मोर को मारने वाला आजसू पार्टी का कार्यकर्ता बताया जा रहा 

Ranchi: राज्य में वन अधिनियम कानून नाम मात्र का रह गया है. जंगल में पशु-पक्षियों को मार दिया जा रहा है. और प्रशासन को इसकी खबर चार महीने बाद हो रही है. कुछ ऐसा ही हुआ लोहरदगा जिले में.

मामला किस्को प्रखंड का है जहां 23 फरवरी को क्षेत्र के पाखर पंचायत अंतर्गत नारी एवं दुरहूल जंगल के पश्चिमी छोर पर राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार किया गया.

शिकार करने का आरोप कथित रूप से आजसू पार्टी के कार्यकर्ता राजू गुप्ता और उसके कुछ साथियों पर लगाया गया है.

शिकार के साथ ही इसकी भनक क्षेत्र के किसी भी ग्रामीण को नहीं हुई. एक सप्ताह पहले क्षेत्र के लोगों को इस मामले की जानकारी हुई जिसके बाद सरकार समेत आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गयी जिसके बाद जिला स्तर पर कार्रवाई शुरू की गयी है.

बता दें कि वन्य प्राणियों के सरंक्षण के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने कई कानून बनाये हैं. इसके बावजूद पशु-पक्षियों को मारा जा रहा है.

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पीएमओ और सीएम को किया ट्वीट

4 महीने बाद लोहरदगा जिला प्रशासन को हुई मोर के मारे जाने की जानकारी, डीएफओ ने दिया कार्रवाई का आदेशग्रामीण की ओर से इस घटना से संबधित तस्वीर पीएमओ और सीएमओ को ट्वीट की गयी. साथ ही राज्य वन विभाग और लोहरदगा जिला प्रशासन को भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गयी.

ग्रामीणों के मुताबिक जो व्यक्ति मृत मोर को पकड़े हुआ है वह आजसू कार्यकर्ता है. ट्विटर में ये तस्वीरें वायरल होने के बाद वन विभाग ने मामले में संज्ञान लिया है.

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जांच का आदेश दिया गया

4 महीने बाद लोहरदगा जिला प्रशासन को हुई मोर के मारे जाने की जानकारी, डीएफओ ने दिया कार्रवाई का आदेशजिला वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास कुमार उज्जवल ने बताया कि मामले की जानकारी है. जांच के लिए आदेश दे दिया गया है. वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन किया गया है. इस पर कार्रवाई होगी. जांच जारी है. लोगों से पूछताछ जारी है.

उन्होंने कहा कि ट्विटर के जरिये इस मामले की जानकारी मिली. जो लोग शिकार करने में शामिल है उन्हें चिन्हित कर वन विभाग अधिनियम के तहत विधि सम्मत कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जायेगी.

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