
नीतिगत फैसलों की बजाये राज्यों के उपर छोड़ी आगे की रणनीति
राज्य के भाजपा नेता कर रहे नकारात्मक बयानबाजी, केंद्र से दिलायें राज्य को मदद
Ranchi: 16 मई तक कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या शून्य हो जायेगी. नीति आयेाग के प्रवक्ता के थोथे दावें पूरी तरह धराशायी हो गये. उक्त बातें सीपीआइएम के राज्य सचिव मंडल सदस्य प्रकाश विप्लव ने कहीं. गुरूवार को उन्होंने फेसबुक के जरिये प्रेस वार्ता की.
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उन्होंने कहा कि देश में संक्रमितों की संख्या एक लाख पार कर चुकी है. वहीं लॉकडाउन के चौथे चरण में केंद्र सरकार ने हाथ खड़े कर दिये हैं. आगे क्या होगा, कैसे होगा, इस पर निर्णय लेने की बजाय केंद्र ने राज्य सरकार पर यह छोड़ दिया.
वहीं बीमारी से लड़ने और नीतिगत फैसलों में मदद करने की बजाये राज्य सरकारों के लिये अड़गा बन रही है. कई राज्यों में ऐसी स्थिति देखी गयी है.
झारखंड में भी वर्तमान स्थिति कुछ ऐसी ही है. राज्य में पॉजिटिव मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है. राज्य सरकार के प्रयासों के कारण राज्य में कोरोना महामारी पर काबू पाया गया. लेकिन अभी भी संसाधनों की कमी है.
टेस्ट लैब नहीं बढ़ने से सही जानकारी का है अभाव
प्रकाश ने कहा की राष्ट्रीय टेस्टिंग औसत 12 प्रतिशत है. यह कुछ दिनों पहले जारी आंकड़े हैं. जबकि झारखंड का टेस्टिंग औसत 6 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि रेड जोन एरिया में काबू तो पाया गया. लेकिन टेस्ट लैब की संख्या नहीं बढ़ायी जा रही है. जिससे राज्य के विभिन्न जिलों में संक्रमित व्यक्तियों की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही.
पिछले 20 दिनों से राज्य में बड़ी संख्या में मजदूर आये हैं. जिन्हें उचित चिकित्सा सुविधा समेत रोजगार और भोजन उपलब्ध कराना चुनौती है. सीपीआइएम इस पर पहल कर रही है. उन्होंने निजी अस्पतालों और क्लिनिक का जिक्र करते हुए कहा कि, राज्य के मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. सिर्फ कोरोना संक्रमित ही नहीं बल्कि अन्य मरीज भी हैं. राज्य सरकार को निजी अस्पतालों को खोलने का आदेश जारी किया जाना चाहिये.
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भाजपा पूरी तरह गैर जिम्मेवार आचरण में लिप्त
संकट की इस घड़ी में राज्य कम संसाधनों के साथ जुझ रहा है. और मुख्य विपक्षी पार्टी पूरी तरह गैर जिम्मेवार आचरण में लिप्त है. जबकि केंद्र में उनकी ही सरकार है. पार्टी को प्रयास करना चाहिये कि राज्य को केंद्र से आवश्यक मदद दिलायी जाये.
इसके बावजूद बाबूलाल मरांडी समेत भाजपा के वरिये नेता नकारात्मक बयानबाजी कर रहे है. संकट की इस घड़ी भाजपा बाधा उत्पन्न कर रही है. इस समय में सामूहिक रूप से उभरने के प्रयास किये जाने चाहिये. न की नकारात्मक टिप्पणी.
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