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#Jharkhand को पवन उर्जा से मिल रही तीन सौ मेगावाट बिजली, 2018 में किया गया था एग्रीमेंट

Ranchi: राज्य में सौर उर्जा और पवन उर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है. साल 2018 में पवन उर्जा के लिए जेबीवीएनएल और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) के बीच एग्रीमेंट किया गया.

पवन उर्जा के तहत सात-आठ मेगावाट बिजली के लिए एग्रीमेंट अलग-अलग चरणों में किया गया. पहले चरण में पांच सौ मेगावाट बिजली के लिए जुलाई 2018 में एग्रीमेंट किया गया.

वहीं नवंबर 2018 में सौ मेगावाट पवन बिजली के लिए फिर से एग्रीमेंट हुआ. दोनों चरणों को मिलाकर अब जेबीवीएनएल को 300 मेगावाट बिजली मिल रही है, जो पवन उर्जा स्रोतों से है.

इस साल जनवरी तक जेबीवीएनएल को मात्र 200 मेगावाट बिजली ही पवन स्रोतों से मिल रही थी जिसमें पिछले कुछ महीनों में वृद्धि हुई. पहले चरण में किये गये एग्रीमेंट से वर्तमान में 250 मेगावाट बिजली मिल रही है.

उपभोक्ताओं को यह बिजली प्रति यूनिट 3.43 रुपये मिल रही है. जबकि दूसरे चरण से 50 मेगावाट बिजली मिल रही है. इसकी कीमत 2.72 रूपये प्रति यूनिट है.

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अक्टूबर तक सौर उर्जा की आपूर्ति संभव

सौर उर्जा की बात करें तो इसके तहत सात सौ मेगावाट बिजली सेकी की ओर से राज्य को दी जायेगी. इसके लिए जेबीवीएनएल और सेकी के बीच पिछले साल दिसंबर में एग्रीमेंट किया गया.

सौर उर्जा के तहत राज्य को सात सौ मेगावाट बिजली सेकी की ओर से दी जायेगी. जेबीवीएनएल से जानकारी मिली कि रिन्यूएबल एनर्जी से सबंधित कार्य जरेडा से किया जाता है. लेकिन बिजली आपूर्ति से संबधित होने के कारण एग्रीमेंट जेबीवीएनएल ने किया.

इस साल अक्टूबर महीने से राज्य को सौर उत्पादित बिजली सप्लाई की जायेगी. रिन्यूएबल एनर्जी संबधी कोई भी एग्रीमेंट को पूरा करने में डेढ़ साल तक का समय लगता है. राज्य में दोनों उर्जा संबधित एग्रीमेंट जेबीवीएनएल और सेकी के बीच हुई है.

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ट्रांसमिशन से लेकर परचेसिंग कॉस्ट तक नहीं

जेबीवीएनएल से जानकारी मिली कि दोनों ही बिजली सप्लाई के लिए राज्य को ट्रांसमिशन चार्ज नहीं देना है. न ही अलग से ट्रांसमिशन की व्यवस्था करनी है.

ऐसे में राज्य में बिजली संकट का समाधान भी होगा और राज्य को सस्ती दर में सौर और पवन उर्जा भी मिल रही है. वर्तमान में लॉकडाउन के कारण राज्य में बिजली मांग कम है. लेकिन स्थिति समान्य होने पर मांग बढ़ेगी.

बता दें कि सेकी केंद्रीय एजेंसी है, जो रिन्यूएबल एनर्जी पर काम करती है. राज्य में तीन सौ दिन सूरज की रोशनी मिलती है. ऐसे में यहां सौर उर्जा के बेहतर विकल्प है.

जबकि पवन उर्जा के लिए राज्य को अब तक कोई सटीक जगह नहीं मिल पायी है. मार्च 2019 में पवन बिजली के लिए अन्य दो सौ मेगावाट के लिए एग्रीमेंट किया गया. जिसके तहत अक्टूबर में बिजली सप्लाई शुरू हो जायेगी. इसका चार्ज 2.44 रुपये प्रति यूनिट होगा.

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