
Ranchi: लॉकडाउन में पुलिसकर्मियों की जरूरत को देखते हुए राज सरकार ने निजी लोगों की सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड को हटाने का निर्णय लिया है. इससे संबंधित आदेश डीजीपी एमवी राव ने मंगलवार देर रात जिलों के एसएसपी, एसपी, जैप, आइआरबी और एसआइएसएफ के सभी कमांडेंट को दिया है.
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2 अप्रैल तक वापस लिए जाएंगे सभी बॉडीगार्ड
डीजीपी एमवी राव ने यह भी आदेश दिया है कि राज्य के सभी जिलों में जितने भी निजी व्यक्तियों के पास बॉडीगार्ड हैं उनको 2 अप्रैल की शाम 5 बजे तक वापस ले लिया जायेगा. जिसके बाद 3 अप्रैल को सभी जिला के एसपी, एसएसपी और कमांडेंट वापस लिए गये बॉडीगार्ड का लिस्ट पुलिस मुख्यालय में जमा करेंगे.

गौरतलब है कि हाइकोर्ट के न्यायाधीश, न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारी, विधायक सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और सरकारी अधिकारी की सुरक्षा में लगे बॉडीगार्ड को नहीं हटाया जाएगा.
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समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय
वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए देशभर में लॉकडाउन घोषित किया गया है. जिसे लेकर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है. पुलिस मुख्यालय में समीक्षा के क्रम में पाया गया कि झारखंड राज्य में भारी संख्या में पुलिसकर्मी निजी व्यक्तियों की सुरक्षा में लगे हैं.
राष्ट्रीय आपदा की इस घड़ी में पूर्ण लॉकडाउन लागू करवाने के लिए विशेष लोगों को छोड़कर, निजी लोगों के सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया जाए और इन्हें विधि व्यवस्था की ड्यूटी में तैनात किया जाए.
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