
- 4367 पंचायतों के मुखिया सीएम राहत कोष में देंगे सहयोग
- 1 से 6 माह तक का मानदेय राहत कोष में दिये जाने को मुखिया लिख रहे बीडीओ को पत्र
Ranchi : देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है. हर तरफ खौफ का माहौल है. लेकिन इसके बीच एक अच्छी बात ये भी है कि इस महामारी के वक्त हर तरफ से छोटी-छोटी कोशिश की जा रही है. ताकि इस मुश्किल घड़ी में मदद की जा सके. इसी कोशिश के तहत झारखंड की सभी पंचायतों के मुखिया आगे आये हैं .
सभी मुखिया की ओर से कोरोना आपदा से मुकाबला करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक माह का मानदेय देना शुरू किया गया है. झारखंड मुखिया संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अपील पर अपने-अपने स्तर से सहयोग देने का भरोसा दिलाया है. कोरोना के खिलाफ संघर्ष को तेज करने के लिए सीएम हेमंत सोरने ने सीएम राहत कोष में सभी लोगों से सहायता मांगी है. सभी पंचायतें इसमें भागीदार बनने को तैयार दिख रही हैं.
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4000 से अधिक है पंचायत, सरकार को मिलेगी 40 लाख से भी अधिक राशि
झारखंड में वर्तमान में 4367 पंचायतें हैं. यानी इतने ही (लगभग 4400) मुखिया भी हैं. कोरोना संकट और लॉक डाउन की स्थिति की देखते हुए झारखंड सरकार ने सीएम राहत कोष में सभी लोगों से योगदान का आह्वाहन किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इस पहल पर कई मंत्री, विधायकों से लेकर कई संगठन लगातार सामने आ रहे हैं.
झारखंड मुखिया संघ ने भी इसके लिए पहल करने का विचार बनाया है. इसके तहत राज्य के सभी मुखिया अपने 1 माह का मानदेय राहत कोष में देना शुरू कर चुके हैं. मुखिया को प्रतिमाह सरकार की ओर से हर माह 1000 रुपये का भुगतान उनके खाते में किया जाता है.
मुखिया संघ की ओर से लिये गये फैसले से राहत कोष में 40 लाख रुपये से भी अधिक राशि जमा होगी. इस राशि के लिए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को मुखियाओं ने पत्र लिखना शुरू कर दिया है.
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1 माह से लेकर 6 माह तक का मानदेय राहत कोष में देने को लिखा जा रहा पत्र
राज्य के सभी 24 जिलों से पंचायत प्रतिनिधि खासकर मुखिया सरकार द्वारा प्रतिमाह दिये जाने वाले मानदेय भुगतान के लिए स्थानीय प्रशासन से लेकर जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर सूचित कर रहे हैं कि उनका मानदेय राहत कोष में जमा हो.
अधिकांश मुखिया 1-1 माह का 1000 रुपये का मानदेय दिये जाने के सामने आ रहे हैं, तो कुछ इससे भी अधिक के लिये लिख रहे हैं. जैसे पिपराडीह पंचायत, कोडरमा के मुखिया धीरज कुमार ने 6 माह का मानदेय मुख्यमंत्री राहत कोष में देने के लिए बीडीओ को पत्र लिखा है.
इसी तरह कुछ अन्य ने 1 माह से अधिक के लिए पत्र लिखा है. लिखे गये पत्र में सबों ने सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के तहत कोरोना को परास्त करने के लिए सरकार के साथ कदम से कदम मिलकर चलने की बात कही है.
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