
New Delhi: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केरल के दो चैनलों पर लगे प्रतिबंध का हटा दिया है. गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा की कवरेज को लेकर केरल के दो न्यूज चैनलों के प्रसारण पर शुक्रवार को 48 घंटे की रोक लगाते हुए मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की खबर से साम्प्रदायिक विद्वेष बढ़ सकता है.
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Asianet and MediaOne channels which were banned for 48 hours yesterday by I&B ministry for allegedly communally insensitive coverage of Delhi violence, are back on air. #Kerala pic.twitter.com/nd9DBljauT
— ANI (@ANI) March 7, 2020
एशियानेट और मीडिया वन पर लगा था बैन
केरल के दो चैनल, मीडिया वन और एशियानेट न्यूज टीवी को शुरूआत में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उनके जवाब दाखिल करने के बाद मंत्रालय ने पाया कि उन्होंने केबल टीवी नेटवर्क (नियमन) कानून, 1995 के तहत निर्धारित कार्यक्रम संहिता का उल्लंघन किया है. जिसमें हिंसा के दौरान इन चैनलों पर पूजास्थल पर हमले को प्रमुखता से दिखाने और एक समुदाय का पक्ष लेने का आरोप लगाए गए थे.
मीडिया वन न्यूज के खिलाफ जारी आदेश में आइबी मिनीस्ट्री का कहना था कि चैनल ने आरएसएस और दिल्ली पुलिस के कार्रवाई न करने को लेकर सवाल खड़े किए थे, जिससे ऐसा लगता है कि वह आरएसएस और दिल्ली पुलिस के आलोचक हैं और अपना ध्यान सीएए समर्थकों की बर्बरता पर केंद्रित किया.
जिसके बाद मंत्रालय ने देशभर में किसी भी प्लेटफार्म से दोनों चैनलों के प्रसारण एवं पुनर्प्रसारण पर छह मार्च शाम साढ़े सात बजे से आठ मार्च शाम साढ़े सात बजे तक के लिए रोक लगा दी थी.
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बैन की माकपा, कांग्रेस ने की थी निंदा
वहीं केरल के दो समाचार चैनलों पर केंद्र की रोक की माकपा और विपक्षी कांग्रेस ने निंदा की थी. और इस फैसले को मीडिया को धमकाने का घृणित प्रयास करार दिया.
केंद्र के कदम की आलोचना करते हुए माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन ने आरोप लगाया कि यह मीडिया पर नियंत्रण करने का प्रयास है. वहीं कांग्रेस के नेता रमेश चेन्निथला ने इसे प्रेस की आजादी के खिलाफ और असंवैधानिक बताया था.
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