
Ranchi: पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने गढ़वा जिले के आदिवासी बहुल प्रखंड रंका, रमकंडा एवं चिनियां में एकलव्य स्कूल खोलने के लिए आग्रह किया है.
पत्र के अनुसार गढ़वा के यह तीनों प्रखंडों आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं. यहां के आदिवासी समुदाय के लोग काफी पिछड़े हैं. झारखंड गठन के पूर्व से ही यह क्षेत्र खासकर शिक्षा के मामले में काफी पिछ़ड़ा रहा है. इन तीनों प्रखंडों में एक भी 10़+2 विद्यालय संचालित नहीं है.
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सुदूर इलाकों के आदिवासी छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. इस कारण इन प्रखंडों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं. साथ ही परिस्थितिवश कई छात्र-छात्रा बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ने को विवश हैं.
एकलव्य स्कूल से मिलेगी राहत
रंका, रमकंडा तथा चिनिया में एकलव्य आदर्श विद्यालय खोले जाने से शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के खेलों का प्रशिक्षण भी छात्र-छात्रा को प्राप्त होगा. यह आदिवासी विद्यार्थियों के लिये लाभकारी सिद्ध होगा.
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एकलव्य विद्यालय के माध्यम से आदिवासी बच्चों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करायी जा सकती है. सही मायने में पिछड़े क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलबध कराने से ही एकलव्य विद्यालय की सार्थकता सिद्ध होगी.




