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#Jamshedpur: शहर में पसरी गंदगी पर बिफरे डीसी, निगमों से पूछा- ऐसे हाल में कैसे होगा रैकिंग में सुधार?

Ranchi: स्वच्छता सर्वे पर हुई तीनों निगमों के साथ बैठक में उपायुक्त रविशंकर शुक्ला शहर की गंदगी पर बिफर उठे. तीनों निगमों के कामकाज पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इस तरह के हालात रहे तो फिर कैसे शहर की रैंकिग में सुधार होगा.

साफ-सफाई को लेकर समीक्षा बैठक में उपायुक्त के साथ मानगो नगर निगम, जेएनएसी, जुगसलाई नगर परिषद और जुस्को के पदाधिकारी शामिल थे.

उपायुक्त ने सभी संस्थानों से सीधा सवाल करते हुए पुछा कि जिस शहर में तीन सरकारी संस्थान व एक निजी संस्थान का काम केवल साफ-सफाई का हो तो शहर में एक भी जगह कैसे गंदगी का अंबार दिख सकता है.

जवाब मांगते हुए उपायुक्त ने कहा की सफाई को लेकर लापरवाही बरती जा रही है जो बर्दाश्त के काबिल नहीं है. उपायुक्त ने निराशा जताते हुए कहा कि तीन सरकारी संस्थान की मेहनत के बावजूद रैंकिग में सुधार नही होता है तो दूसरे शहरों के लिए जमशेदपुर मजाक बनकर रह जायेगा.

कड़े लहजे में दिशा-निर्देश जारी करते हुए उपायुक्त ने रविवार से सभी संस्थानों को सफाई अभियान में 100 परसेंट योगदान देने को कहा. साथ ही ये भी हिदायत दी कि सोमवार को शहर के सर्वेक्षण के दौरान अगर उनको किसी भी इलाके में गंदगी दिखी तो उस इलाके के अधिकारी पर कार्यवाई होनी तय है.

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क्षेत्र बंटवारे को लेकर भिड़े अधिकारी

उपायुक्त के सवाल के जवाब में मानगो नगर निगम और जेएनएसी के अधिकारी के बीच आपस में ही बहस हो गयी. जेएनएसी के अधिकारी का कहना था कि साकची से लेकर मानगो बस स्टैंड के बीच इलाके को लेकर असमंजस है जहां सफाई को लेकर जिच होती रहती है.

जेएनएसी के अधिकारी की इस दलील पर मानगो निगम से आये अधिकारी ने तुरंत खड़े होकर कहा कि इस इलाके में कचरे का उठाव कर हमारे इलाके में डंप कर दिया जा रहा है.

इसी बात पर दोनों के बीच बहस होने लगी. हालांकि उपायुक्त के कहने पर दोनों शांत हुए. मसले को सुलझाने के लिए अलग से आने का निर्देश दिया.

इसके अलावा टाटा स्टील और मोटर्स के रिहायशी इलाकों में भी संस्थानों के बीच सफाई को लेकर अडचनें बतायी गयी. मानगो नगर निगम के अधिकारी ने दलील दी कि उनके पास मैनपावर की कमी है, लिहाजा सफाई का काम एक ही शिफ्ट में हो पा रहा है.

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क्षेत्र बंटवारा हमेशा रहा है विवादित

शहर के चार सफाई संस्थानों के बीच एरिया बंटवारा हमेशा विवादित रहा है. इसकी जंग झारखंड अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी), मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और टाटा की निजी सफाई कंपनी जुस्को के बीच चलती है.

विवाद की जड़ केवल क्षेत्र को लेकर असमंजस है. चारों में से एक भी संस्थान दूसरे के क्षेत्र से कचरा उठाने को तैयार नहीं. स्थीति ये है कि कचरा उठाने वाली गाड़ियों ने घरों तक का बंटवारा कर लिया है.

उदहारण के तौर पर साकची में टाटा के घरों से कचरा जुस्को की गाड़ियां उठाती हैं और इसी इलाके के निजी क़ॉलोनियों से कचरे का उठाव जेएनएसी करवाता है. लेकिन कचरा उठाने वाली गडियां लोगों के साथ क्षेत्र के हिसाब से भेदभाव करती हैं.

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