
Patna: बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने सूबे के सीएम नीतीश कुमार को आड़े हाथों लिया है. गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंच साझा करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर प्रहार करते हुए उन्होंने सोमवार को आरोप लगाया कि नीतीश ने देश की राजधानी दिल्ली को बिहार से बदतर बताने में तनिक भर भी लज्जा महसूस नहीं की.
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‘झूठ बोलने के सारे रिकॉड तोड़े’
राजद नेता तेजस्वी ने कहा, ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी दिल्ली में (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह जी के साथ चुनावी मंच साझा कर रहे थे. मंच पर अपनी सारी राजनीतिक दुर्दशा, चालाकी और मजबूरी को ना चाहते हुए भी प्रदर्शित कर ही गए. मंच साझा करने का ऐसा उतावलापन कहें या चाटुकारिता का तक़ाज़ा कि उत्साह में वो अपने ही झूठ बोलने के सारे पुराने रिकॉर्ड खुद ही तोड़ गए और देश की राजधानी दिल्ली को बिहार से बदतर बताने में तनिक भर भी लज्जा महसूस नहीं कर रहे थे.’

तेजस्वी ने कहा ‘मुख्यमंत्री जी, यह बतायें कि आपके 15 वर्ष के कथित सुशासनी राज के बाद भी करोड़ों बिहारवासी पलायन क्यों कर रहे है? अगर आप दिल्ली में आधारभूत संरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को बिहार से भी बदहाल मानते है तो आपकी मनोस्थिति को भगवान ही बेहतर समझ सकते हैं.’’
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‘पहले 15 सालों के काम का हिसाब दिजीए’
उन्होंने नीतीश पर प्रहार करते हुए कहा, ‘दिल्ली जाकर ड़बल इंजन सरकार से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा, विशेष पैकेज, बाढ़ पीड़ितों की सहायता राशि और केंद्रीय मदों में बिहार का हक़ मांगने की बजाय आप संविधान बदलने व अपने ही नागरिकों से नागरिकता छीनने वालों को लोकप्रिय और महानायक बता रहे हैं.
शायद अब आप में स्वयं से भी सवाल-जवाब करने का आत्मबल नहीं रहा. सिद्धांत, विचार, नैतिकता और अंतरात्मा तो आपने जनादेश का सौदा करते समय ही बेच दी थी.’
तेजस्वी ने सवाल किया, ‘मुख्यमंत्री जी, दिल्ली में यह तो बता देते आपने कितने कारख़ाने और कंपनियां बिहार में खुलवाई है? कितने युवाओं को रोज़गार दिया है? कितनी चीनी मिल, राइस मिल, जूट मिल को बंद करवाया है?’
उन्होंने नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ अपनी सरकार का 15 साल का तो हिसाब गिना नहीं सकते पर विपक्षी सरकारों का हिसाब मांगने दिल्ली तक पहुंच गए. इसे कहते है-एक तो चोरी और ऊपर से सीनाजोरी.’
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