BokaroJharkhand

शिक्षा मंत्री ने शराबी शिक्षक को गुलाब देकर लगायी क्लास, बच्चों संग जमीन पर बैठ लिया टेस्ट

Divy Khare

Bokaro: डुमरी विधानसभा क्षेत्र के झामुमो के कद्दावर विधायक जगरनाथ महतो अब शिक्षा मंत्री हैं. उनकी बेबाक बयानबाजी, बुलंद शख्सियत और अलग स्टाइल के चलते लोग उन्हें टाइगर बुलाते है.

जो लोग उन्हें जानते हैं उनके लिए टाइगर नाम ही काफी है,  जो लोग उन्हें नहीं जानते उन्हें जगन्नाथ महतो को जानने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा. इसकी शुरुआत हो चुकी है.

राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पदभार संभालने के तुरंत बाद राज्य के विभिन्न जिलों में सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन दौरा कर रहे हैं.

इस दौरे का उद्देश्य सरकारी स्कूलों का निजी स्कूलों से गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने मे पीछे होने का कारण पता लगाना है.

शिक्षा मंत्री का दौरा आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है. वह ना सिर्फ स्कूलों में जाकर बच्चों से बात कर रहे हैं बल्कि टीचरों को शिक्षा के सुधार के विषय में सुझाव का आदान-प्रदान कर रहे है.

उनका स्कूलों में जाकर बच्चों के बीच जमीन में बैठना और गलती करने वाले टीचर को लाल गुलाब देकर माफी मांगने पर मजबूर करना, यह सब सुर्खियां बटोर रहा है.

मंत्री पद ग्रहण करने के बाद जिस भी आयोजन में वह जा रहे हैं, वहां पर निजी स्कूलों को रीएडमिशन के नाम पर पैसे नहीं लेने की चेतावनी दे रहे हैं और सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से कह रहे हैं कि वे सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को भर्ती करायें.

महतो के दौरे से जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों के बीच जहां भय व्याप्त हो गया है, वही निवासियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है.

इसे भी पढ़ें : #Dumka में प्रशिक्षण देनेवाला ग्लाइडर क्रैश, इंजीनियर की मौत, पायलट की हालत गंभीर

सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार को प्राथमिकता

#Tiger टूर पर है: बच्चों के साथ जमीन पर बैठना, शराबी शिक्षक को गुलाब देकर हड़काना, रीएडमिशन फीस बंद
बच्चों के साथ जमीन पर बैठे महतो.

महतो ने कहा “सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार करना मेरी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है. मैं गांव से आया हूं और बेहतर समझता हूं कि निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अभाव है. मैंने खुद सरकारी स्कूल में पढ़ाई की है. मैं सरकारी  स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता की कमी के कारण का पता लगाने के लिए दौरे पर हूं.”

उन्होंने कहा कि “दौरे से मुझे समस्याओं का आकलन करने में मदद मिलेगी. उन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मैं सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए एक रणनीति पर काम करूंगा. हमारे पास योग्य शिक्षक, छात्रों की अच्छी संख्या और पर्याप्त बुनियादी ढांचे हैं,  पर सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से क्यूं पीछे हैं. यह पता लगाना और उसे सुधारना मेरा कर्तव्य है. ”

पदभार संभालने के पहले दिन ही शिक्षा मंत्री पारा टीचर्स का पारिश्रमिक जारी कर सुर्खियों में आ गये. वहीं दूसरे दिन भी महतो खबरों में रहे.

इसे भी पढ़ें : एमजीएम और पीएमसीएच में कोटे की 20 प्रतिशत व दुमका और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में आरक्षित वर्ग की 40 प्रतिशत सीटें खाली

वायरल वीडियो पर भड़के, पर सलीके से हैंडल किया

महतो एक वायरल वीडियो देखकर भड़क गये, पर अपने गुस्से को काबू करते हुए सुधार का अनोखा तरीका निकाला.

उस वीडियो में एक शिक्षक स्कूल में सरस्वती पूजा के दौरान बच्चों के सामने नशे की हालत में नाच रहा था. महतो वीडियो देखकर गिरिडीह के जमुआ ब्लॉक के चितरडीह स्थित अपग्रेडेड हाई स्कूल पहुंच गये.

वहां उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बुलाया और  सभी के सामने ही उन्होंने शिक्षक राजेश कुमार रवि को गुलाब दिया और बड़े प्यार से आग्रह किया कि इसे दोबारा न दोहरायें.

इस दौरान उन्होंने बच्चों, उनके माता-पिता और कर्मचारियो से शिक्षक के व्यवहार के बारे में पूछताछ की. यह जानकर कि वे एक आदतन शराब पीने वाला हैं, उन्होंने उसके स्थानांतरण का आदेश दे दिया.

शिक्षा मंत्री का यह रूप देखकर वह शिक्षक भयभीत हो गया और सबके सामने हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा. उसने जीवन में दोबारा ऐसी गलती ना करने की कसम खायी.

वहीं उसकी पत्नी भी शिक्षा मंत्री से माफी मांगने लगी. महतो ने कहा “मैं ऐसी बातों को बर्दाश्त नहीं करूंगा.  छात्र ऐसी अवस्था में शिक्षक को देखकर क्या सीखेंगे.”

सोमवार को महतो देवघर पहुंच गये और बाबा के दर्शन किये. लौटते वक्त वे देवघर के सरकारी मिडिल स्कूल देवीपुर में उतर कर अंदर चले गये. अचानक शिक्षा मंत्री को देख वहां हड़कंप मच गया.

इसे भी पढ़ें : ऐसा झारखंड में ही संभव: सत्तापक्ष के 4 विधायकों ने MNREGA की सोशल ऑडिट रोकने की मांग की

बच्चों के साथ फर्श पर जा बैठे

महतो बिना किसी से कहे सुने एक कक्षा में प्रवेश कर बच्चों के साथ जमीन में बैठ गये. उन्होंने एक बच्चे से कॉपी पर ‘ग’ लिखने को कहा,  इसे वह नहीं लिख पाया.

इस पर वहां पर उपस्थित शिक्षिका से उन्होने कहा- देख लीजिए, क्या स्थिति है आपकी क्लास की. वहां से निकलने से पहले उन्होंने छात्रों को मन लगा कर अध्ययन करने के लिए कहा और शिक्षकों को ईमानदारी से पढ़ाने के लिए निर्देशित किया.

महतो ने कहा कि वह अन्य जिलों के स्कूलों का भी दौरा करेंगे. हालांकि शिक्षा मंत्री ने यह बताने से इंकार कर दिया कि उनका अगला दौरा किस जिले का होगा. पर उनके करीबियों के अनुसार शिक्षा मंत्री का सरकारी स्कूलों में दौरा जारी रहेगा.

वह सुबह उठकर किसी भी जिले की ओर रुख कर देंगे. वह चीजों को समझना चाहते हैं इसीलिए बिना बताये किसी भी स्कूल में जाकर वहां की परिस्थितियों का अध्ययन कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें : झारखंड के 155 अतिनक्सल प्रभावित थाना क्षेत्र में नक्सली दे रहे पुलिस को चुनौती

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button