
Chhaya
Ranchi: इस साल के सितंबर महीने में राज्य सरकार की ओर से दुमका में दो दिवसीय बैंबू कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया. आपको बता दें केंद्र सरकार की ओर से स्फूर्ति योजना 2019 की शुरूआत की गयी. झारखंड में इसी के तहत लगभग डेढ़ लाख बांस, शहद, लाह और खादी के लघु उद्यमियों का निंबधन कर स्मार्ट कार्ड निर्गत करने का लक्ष्य केंद्र ने दिया.
यह राज्य लघु कुटीर उद्यम विकास बोर्ड और खादी, शिल्प हस्तकरघा बोर्ड की ओर से किया जाना है. राज्य सरकार की ओर से स्फूर्ति योजना के तहत बैंबू कॉन्क्लेव का आयोजन तो किया गया, लेकिन डेढ़ लाख उद्यमियों को स्मार्ट कार्ड निर्गत करने में कोई पहल नहीं की गयी.
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सूत्रों से जानकारी मिली कि केंद्र सरकार की ओर साल 2019-20 के लिये मार्च तक का समय इन कारीगरों के निबंधन और स्मार्ट कार्ड के लिये दिया गया. इन कारीगरों के निबंधन के बाद राज्य सरकार इन्हें देश-विदेश में बाजार उपलब्ध कराती. बात दें कॉन्क्लेव का आयोजन उद्योग विभाग अंतर्गत लघु कुटीर बोर्ड की ओर से किया गया. जबकि हस्तकरघा बोर्ड की ओर से निबंधित कारीगरों को स्मार्ट कार्ड दिये जाते.
फंड के लिये आनन-फानन में किया कॉन्क्लेव का आयोजन
बोर्ड के सूत्रों से जानकारी मिली कि सरकार ने आनन फानन में कॉन्ले व का आयोजन किया. भले ही केंद्र सरकार की ओर से स्फूर्ति योजना के तहत साल 2019-20 वित्तिय वर्ष के शुरूआत में ही लक्ष्य दिया गया हो. लेकिन अगस्त माह तक इस पर कोई काम नहीं किया गया.
योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकार को फंड तब मिलता जब वो बांस, शहद, लाह और खादी कारीगरों का निंबधन और स्मार्ट कार्ड निर्गत कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को देती. कारीगरों के निबंधन के लिये राज्य सरकार ने दो दिवसीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया.
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जिसमें कुछ कारीगरों का निंबधन किया गया. लेकिन हस्तकरघा बोर्ड की ओर से स्मार्ट कार्ड नहीं दिये जाने के कारण राज्य सरकार केंद्र को न ही रिपोर्ट दे पायी और न केंद्र ने राज्य को फंड दिया. बता दें कि केंद्र सरकार ने इसके लिये कुल 97 करोड़ का फंड रखा है. जो राज्यों को आवंटित किये जायेंगे.
56 हजार बांस कारीगरों को हो चुका है निबंधन
इस योजना तहत सिर्फ बांस के 56 हजार कारीगरों का निबंधन लघु कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की ओर से किया गया. जबकि सिलाई, खादी समेत अन्य कारीगरों का निंबधन भी किया गया. अब तक लघु कुटीर उद्यम और हस्तकरघा के तहत लगभग डेढ़ लाख कारीगरों का निंबधन किया गया.
लेकिन हस्तकरघा बोर्ड की ओर से इन कारीगरों को स्मार्ट कार्ड नहीं दिया गया. स्फूर्ति योजना के तहत योजना पूरी करने में अब मात्र मार्च तक का समय है. वहीं राज्य में चुनाव के कारण कई विभागीय कार्य प्रभावित हैं.
ऐसे में यह योजना वित्तिय वर्ष 2019-20 में पूरी होगी या नहीं इस पर संशय है. वहीं स्फूर्ति योजना तहत देश भर में एक सौ कलस्टर का बनाये जाने थे. लेकिन राज्य में इस पर भी कोई पहल नहीं की गयी.
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