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पलामू में 2017 से भारी वाहनों के लाइसेंस नहीं किये जा रहे हैं रिन्युअल, जनसंवाद में पहुंचा मामला

Ranchi:  भारी मोटर वाहनों के लाइसेंस रिन्युअल को लेकर समस्याएं बढ़ती जा रही हैं. पलामू जिले में साल 2017 के बाद से भारी मोटर वाहनों के लाइसेंस रिन्युअल नहीं किये जा रहे हैं. जिससे भारी मोटर वाहन चालकों की समस्या बढ़ती जा रही है.

भारी मोटर वाहन चालकों से बात करने से जानकारी हुई कि जिले में लगभग तीन हजार वाहन चालकों के लाइसेंस साल 2017 के बाद से रिन्युअल नहीं किया गया. कुछ भारी वाहन चालकों से बात करने से जानकारी हुई कि डीटीओ कार्यालय में लाइसेंस रिन्युअल करने के लिए भी ड्राइविंग स्कूल से ट्रेनिंग लेने की बात की जाती है.

जबकि केंद्र सरकार की नियमावली के अनुसार भारी वाहन चालाकों के लाइसेंस रिन्युअल के लिए सिर्फ चालकों के मेडिकल फिटनेस की जरूरत होती है. इसके लिए ड्राइविंग स्कूल से ट्रेनिंग लेने की जरूरत नहीं. नये लाइसेंस के लिए भले चालकों को ट्रेनिंग लेने की जरूरत है. कुछ चालकों ने बताया कि ड्राइविंग स्कूल में तीन माह ट्रेनिंग दी जाती है.

न ही केंद्र सरकार के नियम में है और न ही चालकों के लिए यह संभव है कि पांच साल में रिन्युअल के लिए तीन तीन माह ट्रेनिंग लें.

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सुप्रीम कोर्ट ने दिया  है ऑनलाइन रिन्युअल करने का ऑर्डर

पंकज कुमार नामक चालक ने बताया कि 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि लाइसेंस संबधी कार्य ऑनलाइन किये जायें. वहीं वाहनों के ऑनर  बुक संबधी सभी जानकारी पब्लिक डोमेन में लाया जायें. लेकिन पलामू जिला में डीटीओ की ओर से ऐसा नहीं किया गया.

जब से सुप्रीम कोर्ट की ओर से ऑनलाइन रिन्युअल का आदेश  दिया गया, तब से जिला में लाइसेंस रिन्युअल ही नहीं किया गया. हालांकि इस दौरान लगभग दो डीटीओ बदले गये. पंकज ने बताया कि 30 अगस्त को उनका लाइसेंस रद्द हो गया.

उन्होंने रिन्युअल के लिए कई बार अप्लाई किया लेकिन समय रहते हुए भी डीटीओ की ओर से नहीं किया गया. जबकि इनका पहले से एचजीभी लाइसेंस है. पंकज ने बताया कि जिला में लाइसेंस रिन्युअल नहीं होने के कारण कई चालकों के लाइसेंस लैप्स हो गये हैं. ऐसे में काम काज भी प्रभावित है.

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जनसंवाद में पहुंचे कई मामले

इस मामले की जनसंवाद में कई शिकायतें आयी हैं. रवींद्र कुमार मेहता नामक एक चालक ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत सीएम जनसंवाद से की. इस शिकायत में बताया गया कि जिला में स्मार्ट कार्ड देने के लिए बैक लॉग इंट्री का विकल्प ही नहीं दिया जा रहा. जिससे न ऑनलाइन आवेदन करना संभव है. और न ही जिला में स्मार्ट कार्ड निर्गत किया जा रहा.

रवींद्र ने बताया कि इसके बाद सीएम जनसंवाद की ओर से 17 अक्टूबर में पलामू डीसी और प्रतिलिपि डीटीओ की दी गयी. जिसमें जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही गयी. नौ नवंबर को डीटीओ की ओर से जनसंवाद को जल्द जांच रिपोर्ट भेजने की बात की. लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी.

रवींद्र ने बताया कि पलामू से कई चालकों ने इस मामले में सीएम जनसंवाद में शिकायत की है. साल 2018 से ही चालक शिकायत कर रहे हैं.

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