
Berut: कुर्द नागरिक उत्तर-पूर्वी सीरिया में प्रमुख शहरों से भाग रहे हैं क्योंकि तुर्की की सेना ने लगातार तीसरे दिन भी बमबारी को जारी रखा.
पूर्वोत्तर सीरिया में कुर्द लड़ाकों के नियंत्रण वाले क्षेत्र में तुर्की की सैन्य कार्रवाई में शनिवार को एक महिला नेता समेत कम से कम नौ नागरिकों को “मौत के घाट उतार दिया’’ गया. संघर्ष पर नजर रखने वाली संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने यह जानकारी दी.
संस्था ने कहा कि नौ नागरिकों की तल अब्याद कस्बे के दक्षिण में अलग-अलग मौकों पर हत्या कर दी गयी. कुर्द लड़ाकों का कहना है कि मारे गये लोगों में कुर्दी नेता हेवरिन खलाफ और उनका चालक भी शामिल है.
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निहत्थे नागरिकों के प्रति अपनी आपराधिक नीति जारी रखे हुए है तुर्की
कुर्द लड़ाकों की अगुवाई वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) की राजनीतिक शाखा ने एक बयान में बताया कि 35 वर्षीय खलाफ को तुर्की समर्थित हमले के दौरान उनकी कार से बाहर निकाला गया और तुर्की का समर्थन कर रहे लड़ाकों ने उनकी हत्या कर दी.
शाखा ने कहा कि यह इस बात का साफ-साफ प्रमाण है कि तुर्की निहत्थे नागरिकों के प्रति अपनी आपराधिक नीति जारी रखे हुए है. खलाफ फ्यूचर सीरिया पार्टी की महासचिव थीं. कुर्द राजनीति के विशेषज्ञ मुतलु सिविरोगलु ने उनकी मौत को “बड़ी क्षति” बताया है.
हत्याओं के दो वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट
कुर्द कार्यकर्ताओं ने इन हत्याओं के दो वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किये हैं जिसकी निगरानी संस्था ने पुष्टि भी की है. ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक इन हत्याओं के साथ ही हमले की शुरुआत से सीरिया में अब तक कम से कम 38 आम लोग मारे जा चुके हैं.
शनिवार देर रात सीरियन नेशनल आर्मी ने कहा कि अनुचित व्यवहार करने वालों पर कड़े प्रतिबंध लगाये जाएंगे और सैन्य अवज्ञा के लिए कानून के समक्ष लाया जायेगा.
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फ्रांस, जर्मनी ने तुर्की को हथियार निर्यात पर लगायी
रोक
सीरिया में कुर्द लड़ाकों के खिलाफ तुर्की के हमले को लेकर फ्रांस और जर्मनी ने तुर्की को किये जाने वाले हथियारों के निर्यात पर शनिवार को रोक लगा दी. यूरोप के कई शहरों में रैलियां कर प्रदर्शनकारियों ने तुर्की की निंदा की है.
तुर्की के सैनिकों ने कुर्द लड़ाकों के खिलाफ बुधवार को सीमा पार से हमले करने शुरू कर दिए थे. तुर्की इन लड़ाकों को आतंकवादियों की तरह देखता है.
रक्षा और विदेश मंत्रालयों की ओर से जारी संयुक्त बयान में फ्रांस ने कहा कि उसने तुर्की को “हथियार सामग्रियों’’ की नियोजित निर्यात पर रोक लगा दी है. यह रोक इस आशंका के बीच लगायी गयी है कि इन हथियारों का प्रयोग सीरिया पर किये जा रहे हमलों में किया जा सकता था.
जर्मनी के उस बयान के बाद फ्रांस ने बयान जारी किया कि उसने हथियार निर्यात पर रोक लगा दी है. जर्मनी तुर्की का मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता है. कई देशों ने तुर्की के हमले की निंदा की है और फिनलैंड, नॉर्वे और नीदरलैंड पहले ही तुर्की को हथियार निर्यात पर रोक लगाने की घोषणा कर चुका है.




