
Kolakata: सारदा चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपित कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई लेकिन फैसला नहीं हो सका.
न्यायमूर्ति सहीदुल्लाह मुंशी और शुभाशीष दासगुप्ता की खंडपीठ में बंद कमरे के अंदर कुमार की अग्रिम जमानत पर सुनवाई हुई.
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शुक्रवार को फिर सुबह के समय ही राजीव कुमार के मामले की सुनवाई होगी. सुनवाई में सीबीआइ के अधिवक्ता वाइजे दस्तूर और कालीचरण मिश्रा राजीव कुमार की अग्रिम जमानत के खिलाफ अपना पक्ष रखेंगे.
गत सोमवार को राजीव कुमार की पत्नी संचिता कुमार ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका लगा कर तत्काल सुनवाई की मांग की थी.
मंगलवार को इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया था और राजीव कुमार को सरेंडर करने की सलाह दी थी.
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गुरुवार को ड्यूटी ज्वाइन करना था राजीव कुमार को
राज्य पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र कुमार के मुताबिक कुमार की छुट्टी की मियाद नौ से 25 सितंबर तक थी. गुरुवार को उन्हें अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर लेनी थी.
कुमार फिलहाल राज्य सीआइडी के एडीजी हैं लेकिन गुरुवार को वह भवानी भवन स्थित सीआइडी के मुख्यालय में भी नहीं पहुंचे और ना ही राज्य सचिवालय नवान्न में उन्हें देखा गया है.
क्या उन्होंने अपनी छुट्टी बढ़ा ली है या राज्य सरकार ने बिना जांच एजेंसी को बताये उन्हें छुट्टी दे दी है. इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है.
भवानी भवन पहुंची सीबीआइ की टीम
इधर नियमानुसार गुरुवार को राजीव को सीआइडी मुख्यालय में जाकर अपनी ड्यूटी ज्वाइन करनी थी. इसलिए उनकी खोज खबर लेने के लिए सीबीआइ के चार अधिकारी अपराह्न 2:45 बजे के करीब भवानी भवन पहुंचे थे.
सीबीआइ के कुछ अधिकारियों से बातचीत की गयी है और राजीव के बारे में पता लगाया गया. जानकारी मिली कि उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है जिसके बाद जांच एजेंसी के अधिकारी वापस लौट आये.
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