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मंथली टेस्ट से लेकर स्पेशल क्लास तक के किये उपाय, फिर भी नीति आयोग की रैंकिंग में झारखंड 16 वें स्थान पर

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Ranchi: राज्य में शिक्षा की स्थिति को सुधारने के लिए ग्राउंड लेवल पर कई तरह के प्रोग्राम चलाये जा रहे हैं. शिक्षा के लिए राज्य सरकार का अपना बजट है.

इसके अलावा केंद्र सरकार विभिन्न मदों में राशि देती है. इसके बाद भी नीति आयोग की रैंकिंग में झारखंड पीछे है.

नीति आयोग की ओर से स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स जारी किया गया है. इस इंडेक्स में झारखंड का स्थान 16वां है.

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बच्चों के सीखने की क्षमता(लर्निंग आउटकम) के बिंदु पर इंडेक्स जारी किया गया है. इसके अनुसार झारखंड के बच्चों में सीखने की क्षमता देश के अन्य राज्यों के बच्चों से काफी कम है.

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झारखंड के बच्चे की सीखने की क्षमता के मामले में बिहार, पंजाब, जम्मू-कश्मीर व उत्तर प्रदेश के बच्चों से ही तेज हैं.

हालांकि यह स्थिति तब है जब झारखंड में बच्चों की शैक्षणिक क्षमता को दुरुस्त करने के लिए कई काम किये जा रहे हैं.

क्या है रैंकिंग

नीति आयोग 2017 से स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स जारी कर रहा है. यह रिपोर्ट शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षा तक पहुंच, शिक्षा के लिए ढांचागत सुविधाएं और प्रशासन सहित छह मापदंडों पर जारी की जाती है.

इस वर्ष की रैंकिंग में देश के 20 बड़े राज्यों को शामिल किया गया है. 20 राज्यों की सूची में केरल पहले, राजस्थान दूसरे और कर्नाटक तीसरे स्थान पर है. सूची में झारखंड 16वें और बिहार 17वें स्थान पर है.

राज्यों की रैंकिंग तैयार करते समय इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया है कि स्कूलों में जिस प्रकार से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है, उससे वे कितना सीख रहे हैं.

झारखंड के बच्चों में लर्निंग आउटकम बढ़े इसके लिए कई तरह के उपाय किये जा रहे हैं. इसके बाद भी स्थिति सुधर नहीं रही है.

बजट के आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार ने एलिमेंटरी लेवल पर 200714.34 लाख रुपये, सेकेंडरी लेवल पर 14732.50 लाख रुपये व शिक्षकों की क्वालिटी में सुधार के लिए 865.60 लाख रुपये राज्य सरकारों को दिये हैं.

शैक्षणिक माहौल में सुधार के लिए स्कूलों में कक्षा 9 व 10 में मंथली टेस्ट शुरू किया गया है. जो प्रत्येक माह के दूसरे व तीसरे सप्ताह में लिया जाता है. इसके अलावा पेरेंट्स टीचर मीटिंग भी शुरू की जा रही है.

वैसे बच्चे जिनके सीखने की क्षमता अन्य बच्चों के मुकाबले कम है, उनके लिए स्पेशल क्लास चलाये जा रहे हैं. इसके अलावा कैलेंडर के आधार पर शैक्षणिक सत्र चलाने का काम शुरू हुआ है.

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रैंकिंग में राज्यों की स्थिति

रैंक  राज्य
1      केरल
2      राजस्थान
3      कर्नाटक
4      आंध्र प्रदेश
5      गुजरात
6      असम
7      महाराष्ट्र
8      तमिलनाडु
9      हिमाचल प्रदेश
10     उत्तराखंड
11     हरियाणा
12     ओड़िशा
13     छत्तीसगढ़
14     तेलंगाना
15     मध्य प्रदेश
16     झारखंड
17     बिहार
18     पंजाब
19     जम्मू-कश्मीर
20     उत्तर प्रदेश

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