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फर्जीवाड़ा : अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मियों की ज्यादा संख्या दिखा आउटसोर्सिंग एजेंसियों ने करोड़ों रुपये वसूले

Kumar Gaurav

Ranchi : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल, पलामू के सदर अस्पताल और पलामू जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्सिंग एजेंसियों ने कर्मियों की अधिक संख्या दिखाकर सरकार से करोड़ों रुपयों की अवैध वसूली कर ली है.

राज्य के तीन प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक एमजीएम अस्पताल में कार्यरत कर्मियों की वास्तविक संख्या से 131 अधिक दर्शायी गयी, जबकि पलामू में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों की वास्तविक संख्या से 231 बढ़ाकर दिखाया गया. यदि एक कर्मी का मानदेय औसतन 300 रुपये रखा जाये तो सिर्फ एमजीएम अस्पताल में बढ़ाकर बताये गये स्टाफ के मानदेय के नाम पर सरकार से 1.41 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की जा चुकी है.

इसी प्रकार पलामू सदर अस्पताल और पलामू जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मियों की अधिक संख्या दिखाकर वहां कार्यरत बालाजी डिटेक्टिव फोर्स आउटसोर्सिंग एजेंसी ने 2.49 करोड़ रुपये की अवैध वसूली कर ली है.

इसको लेकर पूर्वी सिंहभूम और पलामू के उपायुक्तों ने जांच प्रतिवेदन विभाग को अगस्त 2018 में ही सौंप दिया था पर अब तक दोषी एजेंसियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

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पलामू में 193 कार्यरत, दिखाया 424

भौतिक सत्यापन के दौरान जांच रिपोर्ट में पाया गया कि एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर में जब आउटसोर्सिंग एजेंसी के 428 कर्मी कार्यरत थे, तब एजेंसी ने उसे 550 दिखाया. उसी दौरान एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 120 स्टाफ कार्यरत थे जिसे 129 दर्शाया गया. इसी तरह पलामू सदर और जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में 193 कर्मियों की जगह उनकी संख्या 424 दर्शायी गयी.

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जांच के 11 महीने के बाद भी नहीं हुई है कार्रवाई

कर्मियों की संख्या के भौतिक सत्यापन में आउसोर्सिंग एजेंसियां दोषी पायी गयी थीं. उसके बाद पूर्वी सिंहभूम के डीसी ने अपनी रिपोर्ट 14 अगस्त 2018 को विभाग को सौंप दी थी. वहीं पलामू स्वास्थ्य केंद्र मामले में तत्कालीन पलामू डीसी ने अपनी रिपोर्ट 29 अगस्त 2018 को विभाग को सौंप दी थी. इसके बावजूद अभी तक विभाग की और से एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया है.

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