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बीएड काउंसिलिंग में 4165 सीटों पर हुआ नामांकन, बरकरार है इडब्ल्यूएस कोटा का मसला

Ranchi: बीएड की 13,600 सीटों के लिए चल रही फिजिकल काउंसिलिंग के पांचवें दिन 4,165 सीटों पर उम्मीदवारों का चयन किया गया. इसमें सामान्य श्रेणी के कोटे में 3192, बीसी वन श्रेणी में 232, बीसी टू श्रेणी में 178, एससी श्रेणी में 169, एसटी श्रेणी में 394 उम्मीदवारों का चयन हुआ. अभी 9435 सीटें 135 बीएड कॉलेजों में बची हुई हैं. नामांकन के लिए 15 जुलाई से काउंसिलिंग की प्रक्रिया चल रही है.

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कई तकनीकी समस्याएं

काउंसलिंग कमेटी के अनुसार फिजिकल काउंसिलिंग में कई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं. इसमें सबसे बड़ी समस्या इडब्ल्यूएस कोटा निर्धारण को लेकर हो रही है. इसके निराकरण के लिए विभाग को कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन काउंसिलिंग के पांचवें दिन भी इस पर किसी तरह का जवाब विभाग की ओर से नहीं आया है.

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मेरिट रैंक हो गया गौण

काउंसिलिंग में शामिल होने आये विद्यार्थियों ने बताया कि परीक्षा लेनेवाली एजेंसी झारखंड कंबाइंड ने उम्मीदवारों को उनकी कैटेगरी के अनुसार मेरिट रैंक दिया था, जबकि काउंसिलिंग में इसको गौण कर दिया गया है. उम्मीदवारों को कॉलेज अलॉटमेंट कॉमन मेरिट रैंक के आधार पर किया जा रहा है. विद्यार्थियों का कहना है कि जब कॉमन मेरिट रैंक से ही काउंसिलिंग करनी थी तो, कैटेगरी रैंक देने का क्या मतलब है. छात्र जब इस परेशानी को लेकर काउंसिलिंग कमेटी के पास जा रहे हैं, तो वहां अधिकारियों का कहना है कि हमें जो दिशा-निर्देश मिला है उसी के अनुसार काउंसिलिंग की जा रही है.

स्कॉलरशिप पर संकट

काउंसिलिंग में सीट अलॉटमेंट कॉमन मेरिट रैंक के आधार पर दिया जा रहा है, ऐसे में कई निजी कॉलेज छात्रों को कैटेगरी (एससी, एसटी व ओबीसी) के तहत नामांकन नहीं दे रहे हैं. गौर करनेवाली बात है कि बीएड संस्थानों में कैटेगरी के छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप का लाभ मिलता है. ऐसे में कैटेगरी के तहत नामांकन नहीं होने की स्थिति में उन्हें विभाग की ओर से मिलनेवाले स्कॉलरशिप से वंचित रहना पड़ जायेगा.

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