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सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर ब्रदर ने खरीदी 4.23 एकड़ जमीन, खरीदी 2.6 लाख में, बेची 4.72 करोड़ में

Pravin Kumar

Ranchi: सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन खरीद-बिक्री के कई मामले समाने आये हैं, जिनमें राजनेताओं से लेकर ब्यूरोक्रेट शामिल रहे हैं. यहां तक कि सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर धार्मिक संस्थानों से व्यक्ति भी पीछे नहीं रहे. कैथोलिक चर्च से जुड़े ब्रदर-सिस्टर व फादर निजी संपत्ति अर्जित नहीं कर सकते हैं. राजधानी में एक मामला ऐसा भी सामने आया है जहां एक ब्रदर ने सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन अपने नाम खरीद ली. उसके बाद उसे बेच भी दिया. सुपीरियर ब्रदर सिरिल लकड़ा ने रांची के नामकुम अंचल के सरवां गांव में 4.23 एकड़ जमीन अपने नाम पर खरीद-बिक्री की.

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सुपीरियर ब्रदर सिरिल लकड़ा ने 2004-05 में रांची के नामकुम अंचल में जमीन का खरीदते समय अपना पता  तेतरी डहू टोली नामकुम दर्ज कराया. इस जमीन को सीएनटी एक्ट 1908 की धारा 46 के तहत अपर समाहर्ता रांची के न्यायालय से 19 जुलाई 2004 को परमीशन मिला. ब्रदर सिरिल लकड़ा ने मतियस मिंज, ग्राम सहेरा, थाना नामकुम ये यह जमीन खरीदी. इसका खाता नंबर 3, प्लॉट नंबर 170, 171, 172 है. इसका कुल रकबा 2.13 एकड़ है. इस जमीन की कीमत एक लाख 55 हजार अदा की. इतना ही नहीं ब्रदर सिरिल लकड़ा ने इसके बाद भी दूसरी डीड के माध्यम से कानून का उल्लंघन करते हुए बिरिस मिंज से नामकुम अंचल में ही पहले की जमीन से लगा हुआ खाता नंबर 142 का प्लॉट नंबर 173, 174, 176 ,177 कुल रकबा 2.09 एकड़ जमीन खरीद ली. इसके लिए उन्होंने एक लाख पांच हजार रुपया अदा किये.

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जिस जमीन को ब्रदर ने 683 रुपये प्रति डिसमिल खरीदी, उसे 1,12,000 रुपये प्रति डिसमिल बेचा

सुपीरियर ब्रदर सिरिल लकड़ा ने जिस जमीन को 683 प्रति डिसमिल की दर से खरीदा, उसी जमीन को 1,12,000 रुपये प्रति डिसमिल की दर बेच दिया. सुपीरियर ब्रदर सिरिल लकड़ा ने 8 अगस्त 2018 को सेल डीड के माध्यम से 4 करोड़ 72 लाख में अपनी संपत्ति का गेल के साथ सौदा तय कर बेचा. ब्रदर ने खुद को नामकुम निवासी दिखाते हुए सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए जमीन की खरीद की. ब्रदर सिरिल ने अपना पेशा नौकरी दिखाया है.

क्या कहते हैं व्यक्तिगत संपत्ति अर्जित करने के मामले में फादर आनंद डेबिट

बिशप हाउस रांची के मीडिया प्रभारी फादर आंनद डेबिट का कहना है चर्च से जुड़े हुए किसी फादर, सिस्टर और ब्रदर के द्वारा व्यक्तिगत संपत्ति अर्जित नहीं की जा सकती. व्यक्तिगत संपत्ति अर्जित करना धार्मिक कार्य में लगे हुए लोगों के लिए वर्जित है. अगर सुपीरियर ब्रदर सिरिल लकड़ा के द्वारा व्यक्तिगत तौर पर संपत्ति अर्जित की गयी है, तो यह धर्म अनुकूल नहीं है.

जमीन बेचने में शिक्षण संस्थान के पैड का भी प्रयोग

सुपीरियर ब्रदर सिरिल लकड़ा के द्वारा जमीन की खरीद के समय रांची नामकुम का पता दिखया गया. वहीं जमीन की बिक्री के दौरान दिये गये शपथ पत्र में जमीन खरीद बिक्री के मामले में शिक्षण संस्थान के लेटर पैड का भी प्रयोग किया गया है.

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दिये गये दो अलग-अलग पते

सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए सुपीरियर ब्रदर सिरिल लकड़ा के द्वारा जमीन की खरीद के समय नामकुम का पता दर्जा कराया गया. वहीं जमीन की बिक्री के दौरान दो अलग-अलग शपथ पत्र दिये गये. एक में ब्रदर लकड़ा ने पता पुरुलिया रोड का दिखाया एवं दूसरे शपथ पत्र में सुपीरियर ब्रदर लकड़ा ने अपनी वंशावली गुमला जिला के उर्मी गांव को दिखाया. बिक्री संबंधी अनुमति के लिए उपायुक्त न्यायालय में दायर विविध वाद संख्या 16 /2017 -18 में सुपीरियर ब्रदर के द्वारा दो-दो शपथ पत्र न्यायालय में दायर किये गये. जमीन की बिक्री को लेकर विक्रेता सुपीरियर ब्रदर सिरिल लकड़ा ने रांची उपायुक्त न्यायालय में दायर शपथ पत्र में अपना पुश्तैनी गांव गुमला दिखया है. जहां 7.93 एकड़ जमीन होने का दावा किया है. इस संबंध में सुपीरियर ब्रदर लकड़ा के द्वारा 9 फरवरी 2018 को शपथ पत्र भी न्यायालय में दायर किया था.

राज्य में सीएनटी एक्ट का हो रहा उल्लंघन

छोटानागपुर के आदिवासियों-मूलवासियों की जमीन की हिफाजत के लिए कमिश्नर स्ट्रीट फील्ड, ई लीस्टर और फादर हाफमैन ने सीएनटी एक्ट कानून लिख कर आदिवासियों-मूलवासियों की जमीन संरक्षित करने का काम किया था. इस कानून को लिखने की वजह बिरसा मुंडा का आंदोलन था, लेकिन इस कानून के रहते हुए रांची और छोटनागपुर के तमाम इलाकों में जमीन खरीद-बिक्री का खेल कानून को तक पर रख कर किया जा रहा है. इसमें आम लोगों से लेकर राजनेताओं, ब्यूरोक्रेट से लेकर धार्मिक संस्था से जुड़े लोग भी पीछे नहीं हैं.

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