
Hazaribagh: श्रम नियोजन और प्रशिक्षण विभाग की तरफ से हजारीबाग के इचाक में बोंगागांव आइटीआइ का निर्माण किया गया है. 8.50 करोड़ की लागत से आइटीआइ का भवन भी बनकर तैयार है. लेकिन निर्माण के बाद से भवन धूल फांक रहा और परिसर में जहां-तहां जंगल-झाड़ उग आये हैं.
इस आइटीआइ को विभाग की तरफ से पब्लिक प्राइवेट पार्टिशिपेशन (पीपीपी) मोड पर चलाने का निर्णय लिया गया था. 2013-14 में एक कंपनी का सेलेक्शन भी इसे चलाने के लिए किया गया था. लेकिन कंपनी ने अपना हाथ खींच लिया.
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‘एक अगस्त से शुरू होगी पढ़ाई’
विभाग के संयुक्त निदेशक बुद्ध देव ठाकुर ने बताया कि एक अगस्त से आइटीआइ में दाखिला लेकर पढ़ाई शुरू कर दी जायेगी. इसके लिए पीपीपी मोड पर कंपनी के चयन की प्रक्रिया चल रही है.
उन्होंने बताया कि सरकार के पीपीपी मोड पर चलनेवाले सभी आइटीआइ को दोबारा शुरू करने के लिए मुख्य सचिव डीके तिवारी ने भी स्पष्ट निर्देश दिये हैं.
उन्होंने कहा है कि पूर्व में सरकार की ओर से एक सौ आइटीआइ में पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया था. सभी संबंधित जिलों में आइटीआइ के लिए भवन स्थानांतरण की वास्तविक स्थिति पर भी उन्होंने रिपोर्ट मांगी है.
उन्होंने कहा है कि तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के कार्यकाल में 100 अतिरिक्त राजकीय आइटीआइ शुरू करने का निर्णय लिया गया था. उन्होंने उन कंपनियों पर भी कार्रवाई करने को कहा है, जिन्होंने सीएसआर फंड के तहत आइटीआइ चलाने से अपने आप को हटा लिया.
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कौशल विकास और उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र के कोर्स भी संचालित होने थे
सरकार की ओर से नये बनाये गये आइटीआइ में कौशल विकास और उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र के कोर्स भी संचालित होने थे. संयुक्त निदेशक के अनुसार, नये आइटीआइ भवन राज्य में 2013-14 में ही बन कर तैयार हुए थे.
इसमें तमाड़, कोडरमा, इटकी-नगड़ी, चाईबासा, सरायकेला-खरसावां और अन्य एरिया शामिल थे. इन आइटीआइ के लिए पीएसयू और कॉरपोरेट कंपनियों का चयन किया जाना था.
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