
Garhwa: जिले के मेराल प्रखंड में एक रेप पीड़िता ने जान देने की कोशिश की. हालांकि, उसे बचा लिया गया और फिलहाल वो अस्पताल में भर्ती है. बताया जा रहा है कि पीड़िता ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की थी. महिला ने बताया कि पंचायत के फैसले और उनके द्वारा तंग किये जाने के कारण वो जान देने पर उतारु थी.
डेढ़ महीने पहले हुआ था रेप
पीड़ित महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले गांव के ही एक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया. जिसकी शिकायत करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन उसके बाद से पंचायत उसे परेशान कर रही है.
गंगा स्नान करो-गांव को भोज कराओ
पीड़िता ने बताया कि इस मामले में पंचायत ने उसकी मदद करने की बजाए, उसकी परेशानी और बढ़ा दी. गांव की पंचायत ने अपने तुगलकी फैसले में पीड़िता से कहा कि, गंगा स्नान करो, पूजा-पाठ करके पूरे गांव को भोज खिलाओ. इतना ही नहीं पंचायत की ओर से पांच लाख का जुर्माना भी पीड़िता को भरने को कहा गया. पंचायत के इस तुगलकी फरमान के बाद ही पीड़िता ने जहर खा लिया.
पंचायत ने जुर्माने की बात से किया इनकार
मामले पर जब पंचायत की प्रतिक्रिया ली गई, तो उनकी दलील थी कि महिला का पति बाहर काम करता है. और उस महिला का गांव के ही दूसरे शख्स से अवैध संबंध थे. पंचायत का कहना है कि कुछ समय पहले दोनों को इस बारे में समझाया भी गया. लेकिन उसके कुछ दिनों बाद ऐसा हुआ कि महिला ने उस शख्स पर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया.
पंचों ने माना कि उन्होंने महिला से गंगा स्नान और भोज की बात तो कही. लेकिन पांच लाख जुर्माने की बात से उनलोगों ने इनकार किया है.
परिवार का आंतरिक मामला- महिला का पति
इधर पूरे मामले पर पीड़िता के पति ने मामले को तूल देने से मना करते हुए कहा कि ये मेरे परिवार का आंतरिक मामला है. उनका मानना है कि इसे ज्यादा तूल देने से गांव का ही माहौल खराब होगा.
इसे भी पढ़ेंः बिहार में आरजेडी नेता की हत्या




