
Dhanbad : पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर जानलेवा हमला व पूरे देश में आये दिन चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर डॉक्टरों में खासी नाराजगी है. जिसे लेकर कई संगठनों के आह्वान पर धनबाद के डॉक्टर भी सोमवार को हड़ताल पर चले गए. धनबाद में करीब 800 सरकारी व निजी चिकित्सक हैं, ये सभी हड़ताल पर हैं.
आइएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एके सिंह ने कहा कि देशभर में डॉक्टर समुदाय भय और असुरक्षा में जी रहे हैं. आए दिन मारपीट की घटना हो रही है. ताजा मामला बंगाल में डॉक्टर पर जानलेवा हमले का है.ह झारखंड में भी स्थिति बदतर हो रही है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन का हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया, झारखंड हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन (झासा), झारखंड मेडिकल कॉलेज टीचर एसोसिएशन, जूनियर डॉक्टर संगठन ने भी समर्थन किया है।
इसे भी पढ़ें – समय पर ऑफिस नहीं पहुंचते हैं झारखंड के सीनियर आइपीएस
पीएमसीएच की ओपीडी सेवा प्रभावित
हड़ताल से पीएमसीएच की ओपीडी सेवा प्रभावित है. इलाज नहीं होने की वजह से मरीज लौट रहे हैं. पीएमसीएच के टीचर एसोसिएशन और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन आंदोलन कर रहे हैं. हालांकि गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा है. पीएमसीएच के चिकित्सक हाजिरी बनाकर घर चले गए. साथ ही पीएमसीएच के डॉक्टरों ने सेव डॉक्टर का नारा भी लगाया.
वहीं इमरजेंसी सेवा, ब्लड बैंक, एंबुलेंस, सभी जरूरी ऑपरेशन, सभी जरूरी डायलिसिस आदि सेवा को जारी रखा गया है. जबकि सभी सरकारी व निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पॉली क्लीनिक में ओपीडी सेवा 17 जून सुबह छह बजे से 18 जून सुबह छह बजे तक बंद रहेगी.
इसे भी पढ़ें – दर्द-ए-पारा शिक्षक: उधार बढ़ने लगा तो बेटों ने पढ़ाई छोड़कर शुरू की मजदूरी, खुद भी सब्जियां बेच…




