
- सत्र 2019-20 के लिए पर्सेंटाईल मार्क्स में की गयी कटौती
- झारखंड में रिम्स और महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में छात्रों को मिलेगी सुविधा
Ranchi: केंद्र सरकार ने मेडिकल के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले को लेकर प्रवेश परीक्षा के प्राप्तांक में कटौती की है. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से नेशनल इंट्रेंस इग्जाम टेस्ट-पीजी 2019 के लिए यह अधिसूचना जारी की गयी है.
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इसकी सूचना सभी राज्यों में अवस्थित मेडिकल कालेजों के प्राचार्यों और स्वास्थ्य सचिव को दी गयी है. नीट पीजी-2019 के लिए सिर्फ एक वर्ष के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले को लेकर अंक कम किये गये हैं. यह सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति तथा दिव्यांग छात्रों के लिए किया गया है.
सामान्य वर्ग के लिए पर्सेंटाइल के अंकों में छह प्रतिशत तक की कमी की गयी है, जबकि दिव्यांग जनों के लिए प्राप्तांक में चार प्रतिशत की कमी की गयी है. राज्य के रिम्स में नेत्र चिकित्सा, दंत चिकित्सा, सर्जरी, मेडिसीन में स्नातकोत्तर स्तरीय पीजी कोर्स का आयोजन किया जाता है.
इसके अलावा डिप्लोमा स्तरीय पाठ्यक्रम एमजीएम जमशेदपुर में आयोजित किये जाते हैं. एमबीबीएस के छात्र डीएम अथवा एमडी अथवा एमएस की पढ़ाई के लिए स्नातकोत्तर स्तरीय पाठ्यक्रम में दाखिला लेते हैं.
नीट-पीजी-2019 में पर्सेंटाइल में की गयी कमी
| वर्ग, श्रेणी | पूर्व की अर्हता | पूर्व का पर्सेंटाइल | नया बदलाव |
| सामान्य वर्ग | 50 प्रतिशत | 340 अंक | 44 प्रतिशत, 313 अंक |
| एसटी, एससी, ओबीसी | 40 प्रतिशत | 295 अंक | 34 फीसदी, 270 अंक |
| पीडब्ल्यूडी | 45 प्रतिशत | 317 अंक | 39 फीसदी, 291 अंक |
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