
Ranchi: मुख्य सचिव डीके तिवारी ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को प्रदेश में हो रहे कोयला चोरी और लचर बिजली व्यवस्था की जानकारी दी.
इसके बाद सीएम ने वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार, रांची जीएम संजय कुमार सहित वरीय पदाधिकारियों को तलब किया. सोमवार को दिन के 11 बजे से बैठक शुरू हो गई है.
वहीं न्यूज विंग द्वारा जब्त पेलोडर से कोयला लोडिंग की खबर प्रकाशित करने के बाद मुख्य सचिव ने मामले को गंभीरता से लिया था. इसके बाद खान सचिव, उद्योग सचिव व सीसीएल के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की थी.
सूत्रों के अनुसार, हजारीबाग के डीसी और एसपी से भी इस मामले की रिपोर्ट मांगी जायेगी. वहीं प्रदेश की खास्ताहाल बिजली व्यवस्था के मामले को भी सरकार ने गंभीरता से लिया है.
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बिजली के 750 करोड़ की योजनाओं की मांगी है जानकारी
प्रदेश में सुदृढ़ बिजली व्यवस्था के लिये 750 करोड़ की आइपीडीएस योजना की सीएम ने जानकारी मांगी है. अंडर ग्राउंड केबलिंग का काम अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ. इसका भी जवाब बिजली वितरण निगम से मांगा गया है.
स्कॉडा सिस्टम रांची, जमशेदपुर और धनबाद में शुरू होना था, वह अब तक शुरू नहीं हो पाया है. इस पर भी एमडी से जवाब मांगा गया है. टीवीएनएल की स्थिति और ट्रांसफॉरमरों की क्षमता की रिपोर्ट भी मांगी गई है.
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इन सवालों का जवाब देना होगा एमडी को
- प्रदेश में बिजली की कटौती क्यों?
- कब तक होता रहेगा मेनटेनेंस?
- पावर की खरीद कितनी बढ़ी?
- पुराने और जर्जर तार बदलने में कितना समय लगेगा?
- अंडरग्राउंड केबलिंग पॉलीकैब कब हैंडओवर करेगी?
- कितनी बिजली खरीद रहे हैं, इसका भी जबाव देना होगा?
- सिस्टम की पूरी जानकारी भी सीएमओ ने मांगी है?
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