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नियम कानून को ताक पर रख कर दो पद पर बने हुए हैं एडीजी अजय कुमार सिंह, होम डिपार्टमेंट ने लिया संज्ञान

Ranchi: झारखंड कैडर के आइपीएस अफसर अजय कुमार सिंह का सीआइडी एडीजी के पद से मोह भंग नहीं हो रहा है. उस पद के लिए एडीजी अजय कुमार ने नियम-कानून को भी ताक पर रख दिया. दो अप्रैल को गृह विभाग ने ट्रांसफर ऑर्डर जारी किया. इसमें सीआइडी एडीजी अजय कुमार सिंह का ट्रांसफर एडीजी स्पेशल ब्रांच में कर दिया. दो अप्रैल को ही अजय कुमार सिंह ने एडीजी स्पेशल ब्रांच के पद पर योगदान भी दे दिया. लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी एडीजी ने सीआइडी का पद नहीं छोड़ा. अजय कुमार सिंह अब तक दोनों पदों पर बने हुये हैं. जबकि ट्रांसफर ऑर्डर में कहीं भी अतिरिक्त प्रभार का जिक्र नहीं है.

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गृह विभाग इस मामले पर गंभीर

अजय कुमार सिंह के दो पदों पर बने रहने के मामले को गृह विभाह ने गंभीरता से लिया है. गृह विभाग के अनुसार नियमत: अजय कुमार सिंह को दूसरे पद पर योगदान देने से पहले रिलिंक्विस करना चाहिये था. गृह विभाग ने यह भी कहा है कि दो पद पर बने रहना कहीं से भी उचित नहीं है. ऐसे में मामले पर नियम संवत कार्रवाई की जायेगी. यह गंभीर मामला है. वहीं पहले पद रिक्त रहने की स्थिति में पुलिस मुख्यालय की ओर से किसी आइपीएस को खाली पड़े पद का प्रभार दे दिया जाता था, लेकिन अब गृह विभाग ने इस परंपरा को बंद करने का निर्देश दे दिया है. गृह विभाग के अनुसार सरकार की सहमति के बाद भी किसी अफसर को अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकेगा.

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ऐसे चला घटनाक्रम

स्पेशल ब्रांच के पूर्व एडीजी अनुराग गुप्ता को दिल्ली में पदस्थापित किये जाने के बाद स्पेशल ब्रांच के एडीजी की कमान अजय कुमार सिंह को सौंपी गई. एक अप्रैल को निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को भेज कर कहा था कि अनुराग गुप्ता, एडीजी स्पेशल ब्रांच को तत्काल प्रभाव से उनके मौजूदा कार्य से मुक्त कर दिया जाये. साथ ही उन्हें दो अप्रैल को दिल्ली के स्थानिक आयुक्त कार्यालय में रिपोर्ट करने को कहा गया. दो अप्रैल को गृह विभाग ने ट्रांसफर ऑर्डर निकाला, जिसमें सीआइडी एडीजी अजय कुमार सिंह का ट्रांसफर एडीजी स्पेशल ब्रांच में कर दिया गया.

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यहां भी अजय कुमार सिंह को हो सकती है परेशानी

दो पद पर बने रहने के कारण आइपीएस अजय कुमार सिंह को परेशानी भी हो सकती है. वजह यह है कि दो पद पर रहने के कारण महालेखाकार कार्यालय उनका पे-स्लिप भी एक्सेप्ट नहीं करेगा. क्योंकि महालेखाकार कार्यालय में पद छोड़ने और नये पद पर योगदान देने, दोनों का विवरण भेजा जाता है. ऐसी स्थिति में अजय कुमार सिंह का वेतन भी रुक सकता है.

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