
Ranchi: झारखंड के जो श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार तोहफा लायी है. अब कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वालों को सरकार अपनी तरफ से एक लाख रुपए देगी. कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है. यह राशि लेने के लिए जरूरी नहीं है कि सरकार की योजना के तहत ही यात्रा की जाये. अगर कोई श्रद्धालु मानसरोवर की निजी यात्रा भी करता है, तो सरकार की तरफ से उसे एक लाख रुपए मिलेंगे. याद रहे कि यह राशि पूरी जिंदगी में एक बार ही यात्रा के लिए दी जायेगी. एक परिवार से कुल सदस्यों को सरकार की तरफ से यह फायदा दिया जायेगा.
राशि झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग की तरफ से दी जायेगी
यात्रा खत्म होने के बाद श्रद्धालु को राशि दी जायेगी. श्रद्धालुओ का चयन आधार कार्ड, मकान का होल्डिंग टैक्स, बिजली बिल, पासपोर्टस, राशन कार्ड, नेपाल से चीन में प्रवेश और चीन से नेपाल में प्रवेश के लिए पासपोर्ट का इमीग्रेशन प्रमाण पत्र, साथ ही मानसरोवर परमिट, मानसरोवर वीजा के प्रमाण पत्र के अनुसार पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जायेगा. यह राशि झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग की तरफ से दी जायेगी. अनुदान लेने के इच्छुक यात्रा के बाद यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र झारखंड पर्यटन विभाग के निदेशक कार्यालय में जमा करायेंगे. जहां से उन्हें अनुदान दिया जायेगा. यह राशि 2018-19 में की गयी यात्रा पर देय होगी.
कैबिनेट के दूसरे फैसले
– डीवीसी को बकाये का भुगतान करने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को अनुदान मद में 750 करोड़ रुपए मिलेंगे.
– झारखंड पेंशन नियमावली 2000 में संशोधन की स्वीकृति. पहले की व्यवस्था के मुताबिक ऐसे पेंशनधारियों को पेंशन की राशि नहीं दी जाती थी, जिनका कोई काम विभाग में बाकी रहता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. रिटायर होने के साथ ही रिटायर्ड कर्मी को सरकार की तरफ से पेंशन मिलने लगेगी.
– झारखंड पुलिस में अवर निरीक्षक के पद पर प्रमोशन देने के लिए विभागीय परीक्षा सिमित में परिवर्तन किया गया है. कार्यरत पुलिस कर्मियों को फ्रेश कैंडिडेट के मुकाबले छूट दी गयी है. पहले सिमित परीक्षा में पुलिस कर्मियों को एक घंटे में 10 किमी दौड़ना होता था.
अब उन्हें आठ किमी दौड़ना होगा. महिलाओं को 40 मिनट में पांच किमी दौड़ना होता था, अब उन्हें चार किमी ही दौड़ना होगा. वहीं लिखित परीक्षा में सामान्य वर्ग को 40 फीसदी मार्क्स लाने होंगे, वहीं एससी/एसटी और महिलाओं को 32 फीसदी और पिछड़ी जाति को 34 फीसदी ही नंबर लाने होंगे.
– इस्लाम नगर, रांची में 444 आवास के निर्माण के लिए 33,04,11,800 की प्रशासनिक स्वीकृति मिली. अब लाभुक को आवास के लिए एक भी रुपया नहीं देना पड़ेगा. लाभुक की तरफ से दी जाने वाली राशि राज्य सरकार की तरफ से दी जायेगी.
– केंद्र सरकार की चार योजनाओं के नाम बदलने पर मुहर लगी. अब समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) आंगनबाड़ी सेवाएं के नाम से जानी जायेगी. वहीं किशोरी बालिकाओं के लिए राजीव गांधी योजना (SABLA) अब किशोरी बालिकाओं के लिए योजना के नाम से जानी जायेगी.
समेकित बाल संरक्षण योजना (ICPS) के स्थान पर बाल संरक्षण सेवाएं और राजीव गांधी राष्ट्रीय क्रेच योजना का नाम बदलकर राष्ट्रीय़ क्रेच योजना नाम रखे जाने पर मुहर लगी.
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