JharkhandJharkhand PoliticsJharkhand StoryKhas-KhabarLead NewsNEWSRanchi

सरकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की नियमावली से रोजगार कम, जेल जाने की गारंटी ज्यादा, जानें किसने और क्यों ऐसा कहा

Ranchi: मंगलवार को झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान सदन के बाहर भाजपा विधायक अमित मंडल ने सरकार पर सवाल उठाए. पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमित मंडल ने बताया कि राज्य सरकार युवाओं की आवाज को दबाने के लिए रोजगार नियोजन से जुड़ा एक नियमावली ला रही है. इसे झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली कहा गया है. इसमें कई तरह की बातें हैं जो युवाओं के खिलाफ है. इसमें एक अहम बात यह है कि कोई भी व्यक्ति अगर नियमावली को लेकर, इससे जुड़े कर्मचारी, उनके रिश्तेदार या मित्र पर किसी तरह की टिप्पणी करता है तो उस पर एफआईआर किया जाएगा.
इसे भी पढ़ें: मानसून सत्र: विपक्ष के हंगामे के बीच सदन 2 बजे तक के लिए स्थगित

अमित के मुताबिक सरकार इस बिल को लाकर बोलने के अधिकार को छीनना चाहती है। बताया कि इस नियमावली में एक क्लाउज यह भी है कि अगर परीक्षा के प्रश्न, इसके स्वरूप आदि को लेकर किसी ने टीका टिप्पणी की तो ऐसे व्यक्तियों पर भी फायर किया जाएगा। मतलब है कि अगर आप जेपीएससी पर सवाल उठाते हैं तो आप पर कार्रवाई की जाएगी.

दो से 10 साल का डिबार मिलेगा

इस नियमावली में यह भी कहा गया है कि अगर कोई अभ्यर्थी नियमावली पर सवाल खड़े करता है तो उसे दो से 10 साल तक के लिए राज्य सरकार की किसी भी परीक्षा में शामिल होने से वंचित किया जाएगा। अमित मंडल ने कहा कि अगर आप अपने हक के लिए आंदोलन करते हैं तो आपको डिबार झेलना होगा।

बिना पड़ताल जेल भेजे जाएंगे

नियमावली के संबंध में अमित मंडल ने बताया कि यह नियमावली राज्य सरकार का तुगलकी फरमान है। इसके तहत अगर किसी उम्मीदवार पर इस नियमावली के तहत एफआईआर होता है तो बिना किसी जांच-पड़ताल के भी आप को गिरफ्तार किया जा सकता है। इसी में यह बात जुड़ा हुआ है कि गिरफ्तारी के लिए किसी भी अधिकारी के अनुमोदन की जरूरत नहीं होगी। अमित मंडल ने बताया कि आज बिल की कॉपी मिली है। फिर यह प्रवर समिति में जाएगी। इसके बाद इस पर बहस होगी। इस बिल का हमलोग किसी भी हाल में विरोध करेंगे।

Related Articles

Back to top button