
पेट्रोल में एथनॉल
पेट्रोल में एथनॉल मिलाने को लेकर देश में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। कर्नाटक सरकार की ओर से कराई गई जांच में पेट्रोल के कुछ नमूनों में एथनॉल की मात्रा 31.2 प्रतिशत तक पाए जाने का दावा किया गया है। इसके बाद पेट्रोल की गुणवत्ता और E20 नीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए तंज कसा और कहा कि E20 अब 420 बन गया है।
कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद ने 6 नवंबर 2026 को जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की। उनके मुताबिक, राज्य के अलग-अलग जिलों से पेट्रोल के 63 नमूने एकत्र किए गए थे। इनकी जांच के बाद कुछ नमूनों में निर्धारित 20 प्रतिशत से अधिक एथनॉल मिलने की बात सामने आई।
जांच में किन कंपनियों के पेट्रोल में मिला ज्यादा एथनॉल?
राज्य सरकार की ओर से जारी जांच के आंकड़ों के मुताबिक, इंडियन ऑयल के एक नमूने में 31.2 प्रतिशत और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एक नमूने में 30.5 प्रतिशत एथनॉल पाया गया। वहीं BPCL के एक नमूने में 26.5 प्रतिशत, नायरा के नमूने में 26.1 प्रतिशत और शेल के नमूने में 25.5 प्रतिशत एथनॉल दर्ज होने का दावा किया गया।
जांच के लिए बेंगलुरु, कोलार, चिक्काबल्लापुर, बेंगलुरु ग्रामीण, रामनगर, मंगलुरु और तुमकुरु समेत सात जिलों से नमूने लिए गए थे।
राहुल गांधी ने E20 नीति पर कसा तंज
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद राहुल गांधी ने E20 पेट्रोल के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने ‘E20 बना 420’ कहकर इस मामले में तंज किया। इस बयान के जरिए उन्होंने पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा और उपभोक्ताओं से जुड़े सवालों को उठाया।
तेल कंपनियों ने रिपोर्ट पर जताई आपत्ति
दूसरी ओर, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने कर्नाटक सरकार के जांच निष्कर्षों पर आपत्ति जताई है। तेल कंपनियों का कहना है कि जांच में निर्धारित कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। कंपनियों के मुताबिक, उनके द्वारा सप्लाई किया जा रहा E20 पेट्रोल भारतीय मानक IS 17021 के अनुरूप है।
कंपनियों ने सैंपल लेने की प्रक्रिया, जांच पद्धति और संबंधित दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए हैं।
अब आगे क्या होगा?
कर्नाटक सरकार ने केंद्र से इस मामले में जवाब मांगा है। साथ ही अधिक एथनॉल पाए जाने वाले पेट्रोल की आपूर्ति पर कार्रवाई, प्रभावित वाहन मालिकों को मुआवजा और पेट्रोल पंपों पर एथनॉल की मात्रा प्रदर्शित करने की मांग की है।
अब इस पूरे मामले में केंद्र सरकार और तेल कंपनियों का अगला कदम महत्वपूर्ण होगा। जांच के निष्कर्षों और तेल कंपनियों की आपत्तियों के बीच यह देखना होगा कि पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों का समाधान कैसे निकलता है।





