
Giridih : गिरिडीह के आजसू सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी का दो साल का कार्यकाल काफी चर्चाओं में है. खासकर लोगों के बीच से उनका गायब रहना और भाजपा कार्यकर्ताओं से उनकी दूरी सबसे अधिक चर्चित रही है. वैसे भी सांसद जब कभी नजर भी आए हैं तो सदर विधायक सोनू के साथ अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मौजूदगी अब तक देखने को मिली है.
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क्यों हो रही है चर्चा
यही नहीं कुछ दिनों पहले ही उन्हें सदर विधायक सोनू के साथ गिरिडीह के छठ घाटों का निरीक्षण करते भी देखा गया था . इसे लेकर भी भाजपा नेताओं में नाराजगी है. खुद भाजपा के नगर अध्यक्ष हरमिंदर सिंह बग्गा का भी मानना है की सांसद का भाजपा नेताओं के साथ सौतेला व्यवहार अब सामने आ रहा है. जबकि सांसद का उनके फोटो के साथ उनके समर्थकों के फोटो लगे बैनर ही कुछ खास मौके पर शुभकामना देते शहर के चौक पर दिखते है.
सवाल इसी बात को लेकर है कि क्या दो साल में ही सांसद का गिरिडीह से मोहभंग हो गया या सांसद अब भी अपने रामगढ़ के लगाव को दूर नहीं कर पा रहे हैं. हालाकि दो माह पहले ही गिरिडीह में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के साथ सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी भी दिशा की बैठक मंे शामिल हुए थे.
लिहाजा, उनकी गैर मौजूदगी ही सबसे अधिक चर्चा में है. यही चर्चा सबसे भाजपा नेताओं और कई पूर्व विधायक के बीच रहती है. हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पूरे तीन साल का वक्त है. लेकिन एनडीए यानी भाजपा और आजसू के बीच चर्चा शुरू हो गयी है की सांसद चौधरी अगला चुनाव गिरिडीह से ही फाइट करेंगे या किसी और सीट से उनकी तैयारी भीतर- भीतर चल रहा है. क्योंकि एनडीए के दोनों दलों में उनके हजारीबाग से चुनाव लडने की चर्चा काफी तेज है.
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