

Patamda : एकीकृत बिहार में मंत्री रहे कुमीर निवासी स्व घनश्याम महतो की धर्मपत्नी रतिबाला महतो का शनिवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया. उनकी उम्र 88 वर्ष थी और वे पिछले कई दिनों से घर पर ही इलाजरत थीं. उनके विधान से इलाके में शोक की लहर है. इस संबंध में उनके कनिष्ठ पुत्र सह ग्राम प्रधान मृत्युंजय महतो ने बताया कि उनकी माताजी बिल्कुल ही सामान्य चल रही थीं. दोपहर को करीब 12 बजे उन्होंने सरस्वती पूजा का प्रसाद ग्रहण किया और फिर स्नान करने की बात की. छोटी बहू उन्हें स्नान करा रही थी कि अचानक बात करते-करते उन्हें हृदयाघात हुआ और उनका निधन हो गया. इसकी सूचना मिलते ही कमलपुर थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह, समाजसेवी भीष्मनाथ महतो, छुटुलाल महतो, प्रबोध कुमार महतो, जगन्नाथ महतो, स्वपन महतो, रविन्द्र नाथ महतो, भक्तरंजन महतो, भवेश महतो व नीतीश महतो समेत दर्जनों लोग पहुंचे और उनका अंतिम दर्शन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किये. शाम करीब 6 बजे कुमीर गांव स्थित उनके घर के पास एक खेत में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. रतिबाला महतो के निधन पर सैकड़ों लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है. इस संबंध में मृत्युंजय महतो ने बताया कि दो भाईयों में वे छोटे हैं. बड़े भाई की पहले ही मृत्यु हो चुकी है. उन्होंने बताया कि उनकी माताजी पटमदा की सबसे बड़ी पेंशनधारी थीं.
इसे भी पढ़ें – जमशेदपुरः मानगो में जमीन विवाद में बड़े भाई को मारकर घायल किया, हालत गंभीर




