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दो साल के बाद टाटा मोटर्स में नाइट शिफ्ट में सामान्य कामकाज शुरू, फरवरी में 10 हजार गाड़ी का ऑर्डर, सभी बाई सिक्स कर्मी काम पर लौटे

Jamshedpur : टाटा मोटर्स में कोरोना के दो साल के बाद फरवरी माह से नाइट शिफ्ट में सामान्य कामकाज शुरू हुआ है. इस माह 10 हजार गाड़ियां बनाने के ऑर्डर के बाद कंपनी ने इस माह से नाइट शिफ्ट (सी) में भी सामान्य कामकाज शुरू करने का फैसला लिया है. कोरोना काल में उत्पादन में आई कमी और पार्ट्स की उपलब्धता नहीं होने के कारण कंपनी केवल ए, बी और जेनरल शिफ्ट में चल रही थी. मार्च 2020 से ही कंपनी में नाइट शिफ्ट बाधित रहा. केवल हीट ट्रीटमेंट प्लांट को चालू रखने के लिए कुछ कर्मियों को रात में काम पर बुलाया जाता था. लेकिन अब सेंट्रल पेंट शॉप और फैब्रिकेशन विभाग में भी काम शुरू हो गया है. सूत्रों का कहना है कि फरवरी की तरह ही मार्च में भी 11 हजार वाहनों के बनाने के ऑर्डर हैं.

सभी बाई सिक्स कर्मियों को मिला काम

फरवरी में 10 हजार वाहनों के बनाने के मिले ऑर्डर के बाद कंपनी ने सारे बाई सिक्स कर्मियों को काम पर बुला लिया है. उत्पादन में कमी होने पर बाई सिक्स कर्मियों को चरण बद्ध तरीके से सेपरेशन (काम से बिठा देना) कर दिया जाता है. इससे डेढ़ से दो हजार बाई सिक्स कर्मी हमेशा काम से बैठे रहते हैं. लेकिन ऑर्डर बढ़ने के बाद सारे कर्मियों को काम पर बुला लिया गया है. कंपनी में लगभग 5 हजार बाई सिक्स कर्मी हैं. लेकिन फरवरी माह में कंपनी के सामने गाड़ियों के बनाने की चुनौती इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि यह माह 28 दिन का ही है और इसमें भी चार दिन रविवार है.

इस वित्तीय वर्ष में 90 हजार गाड़ियां बनाने का लक्ष्य

कोरोना के बावजूद कंपनी ने 2021-22 में 90 हजार गाड़ियां बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 60 से 65 हजार गाड़ियां ही दस माह में बनी है. अब केवल दो माह-फरवरी और मार्च बचा है. वैसे कंपनी की एक साल में गाड़ियां बनाने की क्षमता एक लाख 44 हजार के करीब है. हर माह कंपनी 12 हजार तक वाहन बना सकती है. पिछले माह केवल 6 हजार वाहन ही बने थे. इस फरवरी माह में पांच दिन में लगभग पन्द्रह सौ गाड़ियां बन चुकी है.

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