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15वां वित्त आयोग: वार्षिक विकास योजना के आधार पर ली गयी 18 हजार से अधिक योजनाएं नहीं हो पायी शुरू, बीडीओ-मुखिया पर होगी कार्रवाई

Ranchi :  झारखंड में 15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत आबद्ध (bound) एवं अनाबद्ध मद से उपलब्ध राशि से त्रिस्तरीय पंचायतों द्वारा वार्षिक विकास योजना के आधार पर वित्तीय वर्ष 2021-22 में 71,009 योजनाओं के विरूद्ध 55,409 योजनाएं ही प्रारंभ हो पायी. यानि करीब 17 हजार स्वीकृत योजनाओं पर काम प्रारंभ नहीं हो पाया. वहीं, इस वित्तीय वर्ष 2022-23 में 7,995 स्वीकृत योजनाओं में से 6,056 योजनाओं पर ही काम प्रारंभ हो पाया है. पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी ने इसे गंभीरता से लिया है. सभी जिलों के उपविकास आयुक्तों सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद झारखंड को पत्र लिखा है और 15वें वित्त आयोग अंतर्गत चयनित योजनाओं का क्रियान्वयन एवं राशि का समुचित व्यय अविलंब सुनिश्चित करने को कहा है. इसके लिए अपने जिले की सभी त्रिस्तरीय पंचायतों की समीक्षा करने को कहा गया है और जिले के औसत से कम व्यय वाली पंचायत एवं पंचायत समिति के मामले में जवाबदेह पंचायत सचिव, प्रखंड विकास पदाधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. निदेशक ने यह भी कहा है कि संबंधित मुखिया,प्रमुख के विरूद्ध कार्य में जानबुझकर लापरवाही एवं कर्तव्य निर्वहन में असफलता के आरोप में निलंबन का प्रस्ताव विभाग को भेजने को कहा है.

सीएस ने की थी समीक्षा

राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने 15वें वित्त आयोग से मिली राशि के कम व्यय की समीक्षा की थी. सीएस ने कम व्यय होने पर नाराजगी जतायी थी और बड़ी संख्या में योजनाओं के शुरू नहीं होने पर पंचायती राज विभाग को कई निर्देश दिए थे. सीएस ने कम व्यय वाले जिले और प्रखंड के अधिकारियों के जवाबदेही तय करने को कहा था.

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