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140  IAS और 60 IFS बायोमिट्रिक से नहीं बनाते हैं हाजिरी, राज्य प्रशासनिक सेवा अफसरों ने भी छोड़ा हाजिरी बनाना

सीएस रैंक से सचिव रैंक तक के अफसरों को हाजिरी से मतलब नहीं, पूर्व सीएस आरएस शर्मा के समय से शुरू हुआ था बायोमिट्रिक एटेंडेंस

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Ravi  Aditya

Ranchi: राज्य में बायोमिट्रिक अटेंडेंस सिस्टम सिर्फ थर्ड और फोर्थ ग्रेड कर्मियों पर ही लागू होता है. लेकिन ब्यूरोक्रेसी सहित आइएफएस अफसरों ने इस नियम को भी ताक पर रख दिया है. बिना बायोमिट्रिक अटेंडेंस के ही वेतन मिल रहा है. वहीं थर्ड और फोर्थ ग्रेड के कर्मी अगर बायोमिट्रिक से अटेंडेंस नहीं बनाये तो बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है. पिछले डेढ़ साल से झारखंड कैडर के 140 और भारतीय वन सेवा के 60 अफसर बायोमिट्रिक सिस्टम से हाजिरी नहीं बना रहे हैं. इसमें सीएस रैंक के अफसर से लेकर सचिव रैंक तक के अफसर शामिल हैं. इन्हें देख अब सचिवालय में पदस्थापित राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों ने भी बायोमिट्रिक से हाजिरी बनाना छोड़ दिया है. सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. सिस्टम लगाने और प्रशिक्षण में करोड़ों खर्च किये गये थे.

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पूर्व सीएस आरएस शर्मा के समय हुई थी शुरूआत

वर्ष 2014 में पूर्व मुख्य सचिव आरएस शर्मा के समय बायोमिट्रिक सिस्टम से हाजिरी बनाने की शुरूआत हुई थी. इस समय प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस सहित जिलों के कार्यालय में बायोमिट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लगाया गया. इसमें करोड़ों रूपये खर्च किये गये. अफसरों-कर्मियों के फिंगर प्रिंट भी लिये गये. पूर्व सीएस राजीव गौबा के समय तक अधिकांश लोगों ने हाजिरी बनाई. इसके बाद से अधिकांश लोगों ने इस सिस्टम से हाजिरी बनाना छोड़ दिया.

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पूर्व पीसीसीएफ ने भी मुख्य सचिव को लिखा था पत्र

पूर्व पीसीसीएफ बीसी निगम ने भी पूर्व मुख्य सचिव राजीव गौबा को पत्र लिखकर कहा था कि 60 आइएफएस बायोमिट्रिक से हाजिरी नहीं बनाते हैं. इसमें उपस्थिति दर्ज किया जाना अनिवार्य है. पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ प्रदीप कुमार, महेंद्र कदर्म, एके पॉल, पी पुग्लेंदी, एसबी गायकबाड़, केके चटर्जी जैसे अफसर रिटायर भी हो गये, लेकिन हाजिरी नहीं बनाई.

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अब सरकार शिकंजा कसने की तैयारी में, बंक नहीं मार सकेंगे अफसर

इस मामले पर सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए अफसरों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है. सरकार ने बायोमिट्रिक अटेंडेंस को कोषागार से जोड़ने का निर्णय लिया है. कोषागार से जुड़ने के बाद अगर कर्मचारी एक दिन भी अनुपस्थित रहे तो वेतन कट जायेगा. इसके अलावा राज्य सेवा के अधिकारियों के साथ उस सेवा से जुड़े थर्ड ग्रेड के कर्मियों का भी ऑनलाइन डाटा तैयार होगा. राज्य सरकार ने इसके लिये मानव संपदा सॉफ्टवेयर लांच किया है. इससे हर सेवा के लिये चरणबद्ध डाटा एकत्र किया जायेगा. बाद में हर जिले के समाहरणालयों के अफसर-कर्मियों का डाटा ऑनलाइन किया जायेगा.

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सभी सेवा के अफसरों-कर्मियों का होगा डाटा ऑनलाइन

सरकार ने सभी सेवा के अफसरों-कर्मियों का डाटा ऑनलाइन किया जायेगा. पहले चरण में प्रशासनिक, वित्त, पुलिस, सूचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग और सचिवालय सेवा के अफसर-कर्मियों का डाटा ऑनलाइन किया जायेगा. ऑनलाइन में गजेटेड और नॉन गजेटेड अफसर-कर्मियों की नियुक्ति से लेकर रिटायरमेंट तक की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी. इसमें किस अफसर व कर्मी को सम्मान मिला, इसका भी जिक्र रहेगा. अधिकारी कर्मचारी कब दंडित हुये इसका भी उल्लेख रहेगा.

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संपत्ति का विवरण भी साल दर साल

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ऑन लाइन व्यवस्था के तहत अफसर-कर्मियों की संपत्ति का विवरण उपलब्ध रहेगा. हर साल कितनी संपत्ति बढ़ी, इसका भी उल्लेख किया जायेगा. इस सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं होगी.

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क्या होगा इस व्यवस्था से फायदा

पीएफ की निर्धारित राशि ही कटेगी.

कम पीएफ काटने वाले अधिकारी-कर्मचारी तुरंत हो जायेंगे चिन्हित

एक दिन भी बंक मारे तो कट जायेगा वेतन

सेवानिवृति के समय शीघ्र हो सकेगा पेंशन का कैलकुलेशन

जहां-जहां पदस्थापन हुआ, पूरा ब्योरा उपलब्ध रहेगा.

सर्विस बुक का पूरा विवरण रहेगा उपलब्ध

रोस्टर ऑनलाइन होने पर किसी भी अफसर-कर्मचारी को आकस्मिक कार्यों पर लगाया जा सकेगा.

एक ही जगह दो बार नहीं हो सकेगी पोस्टिंग

एक जगह पर जमे अफसरों का चल जायेगा पता

गलत प्रोन्नति और गलत वेतन निर्धारण हुआ तो पकड़े जायेंगे.

 

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