
Chakradharpur: जिले में पूरे विधि विधान से मंगलवार को रथयात्रा निकाली गई. मंगलवार को प्रभु जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ अपने घर श्रीमंदिर से मौसी बाड़ी गुंडिचा मंदिर के लिए निकले. चक्रधरपुर में मंगलवार की शाम साढ़े पांच बजे जैसे ही श्रीमंदिर से पंडितों ने भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के विग्रहों को निकाल कर पूजा के पश्चात रथ में सवार किया गया तो पूरा क्षेत्र जय जगन्नाथ.. के उदघोष से गूंज उठा. इसके बाद प्रभु जगन्नाथ का रथ यात्रा शुरु हुआ। प्रभु जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिए भक्तों की उत्साह देखने लायक थी। वहीं जयकारे लगाते हुए रथ को भक्तों ने खिंचते हुए. वहीं रथ में सवार पंडितों ने श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का बोछार किए गए. वहीं भक्तों ने प्रसाद पाकर उत्साहित हो गए.

प्रसाद में लड्डू के अलावे नारियल, आम, केला, सेव, अमरुद समेत विभिन्न प्रकार के फल आदि चढ़ाएं गए। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु का भीड़ उमड़ा रहा। पुरी के तर्ज पर चक्रधरपुर क्षेत्र के विभिन्न जगह में भी प्रभु जगन्नाथ को मौसीबाड़ी पहुंचने में दो दिन लगता है। पहले दिन प्रभु जगन्नाथ अपने भाई बहन के साथ मंगलवार को बड़दांड (बीच रास्ते) झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक षाड़ंगी के घर के पास में विश्राम करेंगे। दूसरे दिन बुधवार को प्रभु जगन्नाथ भाई बहन संग मौसीबाड़ी पहुंचेंगे। यह परंपरा चक्रधरपुर के अलावा केरा, गोपीनाथपुर, लौजोड़ा, कराईकेला आदि जगह मनाया गया.

मेला में खूब बिका खिलौना
रथयात्रा के दौरान मेला का आयोजन हुआ था। जिसमें बच्चों को लुभाने को विभिन्न प्रकार के खिलौना की दुकानें लगाए गए थे। वहीं बच्चों को आक्रोषित कर रहा था। अभिभावकों के साथ रथयात्रा देखने पहुंचे बच्चे खूब खिलौना खरीदे। वहीं मेले में मिठाई दुकान के अलावे विभिन्न चटपटे के दुकानें भी लगी थी। वहीं रंगबिरंगे गुब्बारे तथा बांसुरी भी बच्चों को खूब भा रहा था।




