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ऊर्जा विभाग में आपराधिक चरित्रवालों को ठेका देने का आरोप, सवालों के घेरे में इंजीनियरों एवं पदाधिकारियों की भूमिका

Vineet Upadhyay

Ranchi : ऊर्जा विभाग में मेंटेनेंस का कार्य करनेवाले ठेकेदारों का एक गिरोह हावी है, जिसे विभाग के कई इंजीनियरों एवं पदाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है. ऊर्जा विभाग के ही एक संवेदक अमित कुमार ने आरोप लगाया है कि ऊर्जा विभाग के द्वारा 2014 से अब तक कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को करोड़ों रुपये का टेंडर दिया गया है. जिन्होंने कागजात में हेराफेरी कर रांची उपायुक्त से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लिया है. नियमावली के मुताबिक आपराधिक छविवाले व्यक्ति को टेंडर नहीं दिया जाना है. ऐसे में दागी ठेकेदारों ने अपने कृत्य छुपाने के लिए गलत दस्तावेज पेश कर रांची डीसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट ले लिया.

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कई थानों में गंभीर मामले दर्ज हैं

अमित कुमार के मुताबिक ठेकेदारों के इस गिरोह में अभिषेक रोशन उर्फ बिट्टू शाही, योगेश लव कुमार तिवारी, गोपाल कुमार राय और सुभाष कुमार शामिल हैं. इन्हें विद्युत कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुगिया मिंज का भी पूरा संरक्षण प्राप्त है. आरोप यह भी है कि उक्त सभी लोगों पर आधा दर्जन से ज्यादा गंभीर मुकदमे शहर के विभिन्न थानों में दर्ज हैं.

यही नहीं तत्कालीन ऊर्जा सचिव के द्वारा पत्र संख्या 508 जारी कर तत्कालीन एसएसपी से पत्राचार कर यह भी पूछा गया था कि किन परिस्थितियों में उक्त अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किया गया. स्पेशल ब्रांच के द्वारा भी इस बात की पुष्टि की गयी कि आरोपियों के द्वारा न्यायालय को भी गुमराह किया गया और कई सारे तथ्य छिपा कर अदालत से जमानत ली गयी. यह जानकर हैरानी होगी कि जिन लोगों के ऊपर हत्या का प्रयास, रंगदारी, जानलेवा हमला करने, षड्यंत्र रचने और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे की फाइल रांची के आधा दर्जन से ज्यादा थानों में बनी हुई है, ऐसे व्यक्तियों को ऊर्जा विभाग ने न सिर्फ प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के कार्यक्रम का जिम्मा दिया बल्कि हाइकोर्ट जज कॉलोनी में बिजली मेंटेनेंस का करोड़ों का ठेका भी विभाग ने इन्हें बिना किसी हिचक के दे दिया.

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कई बड़े आयोजनों में कर चुके हैं काम

अभिषेक रोशन उर्फ बिट्टू शाही को 2014 से लेकर वर्ष 2018 तक एफएफपी बिल्डिंग के मेंटेनेंस का कार्य मिलता रहा, योगेश को लोकायुक्त कार्यालय के मेंटेनेंस के अलावा देवघर श्रावणी मेला और मोमेंटम झारखंड के दौरान विद्युत सजावट का कार्य मिला. लव कुमार को सरायकेला जिले में बिजली विभाग से संबंधित लाखों रुपये का कार्य निपटाने का जिम्मा दिया गया है, गोपाल कुमार राय को हाइकोर्ट जज कॉलोनी के मेंटेनेंस और नामकुम में केबलिंग से संबंधित करोड़ों के टेंडर का कार्य दिया गया है. इन सब के खिलाफ कोतवाली, धुर्वा व डोरंडा थाना में लगभग आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं. ऐसे दागी किस्म के लोगों को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल का टेंडर दिया जाना और वहां इनका होना यह साफ दर्शाता है कि ऊर्जा विभाग के द्वारा जारी होनेवाले टेंडरों को लेने में कैसे एक गिरोह हावी है. वहीं ऊर्जा विभाग के इंजीनियरों के साथ अन्य पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठना लाजमी है.

आरोपी संवेदक अभिषेक रोशन और बिट्टू शाही ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ऊर्जा विभाग के ज्यादातर इंजीनियर एवं कर्मचारी अमित चौरसिया से त्रस्त हैं एवं व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के कारण अमित चौरसिया ने उनके ऊपर यह सारे आरोप लगाये हैं.

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6 Comments

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