
Giridih : शहर की आफिसर्स कॉलोनी से अपहृत 12 वर्षीय छोटू दास के अपहरण का खुलासा गिरिडीह नगर थाना पुलिस ने कर दिया है. पुलिस ने बच्चे की सुरक्षित बरामदगी करने के साथ अपहरणकर्ता चाचा प्रमोद दास के साथ बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी अब्दुल खालिद और अल्ताफ को भी गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने तीनों अपराधियों के पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किये है. हालांकि चौथा अपराधी फिलहाल पुलिस गिरफ्त से बाहर है. तीनों अपराधी अपहृत छोटू के दादा दिगंबर दास से मोबाइल फोन से लगातार फिरौती की मांग कर रहे थे.
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छोटू दास का अपहरण मुहल्ले में रहने वाले चाचा प्रमोद दास ने कराया
शुक्रवार को एसपी सुरेन्द्र झा, डीएसपी विनोद रवानी और प्रभारी नगर थाना प्रभारी दिलीप यादव ने प्रेसवार्ता कर बताया कि आफिसर्स कॉलोनी निवासी दिगंबर दास के 12 वर्षीय पोते छोटू दास का अपहरण इसी मुहल्ले में रहने वाले बच्चे के चाचा प्रमोद दास ने अपने मुजफ्फरपुर निवासी साला के सहयोग से 2 फरवरी सोमवार को उस वक्त किया था, जब छोटू दास शाम पांच बजे दूध लेकर लौटा. कुछ देर बाद फिर साईकिल से खाली केन लेकर परिवार के सदस्यों को बगैर बताये कहीं चला गया.
घर से निकलने के बाद छोटू जब वापस नहीं लौटा, तो मां गीता देवी और सगे चाचा शंकर दास ने छोटू को तलाशना शुरु किया. छोटू के नहीं मिलने के बाद परिजनों ने दूसरे दिन नगर थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी. नगर थाना पुलिस ने अपहरण के इस मामले की जांच शुरु की. घटना के तीसरे दिन अपहृत छोटू के दादा को किसी अज्ञात ने फोन कर पोते की रिहाई के बदले 10 लाख की मांग की.
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मधुपूर से छोटू के दादा को फोन कर पहली बार फिरौती मांगी गयी
इसके बाद पुलिस हरकत में आयी और जांच शुरु की. इस दौरान पुलिस ने सबसे पहले बच्चे के स्कूल किरण पब्लिक स्कूल से पूछताछ शुरु की. जांच के क्रम में शक की सूई छोटू के चाचा प्रमोद दास पर गयी. प्रमोद दास को हिरासत में लेकर जब पूछताछ शुरू की गयी तो पूछताछ में ही प्रमोद दास ने कबूला कि भतीजे छोटू दास के अपहरण की योजना उसने खुद 10 लाख की फिरौती के लिए तैयार की थी. छोटू का अपहरण उसने अपने साला के सहयोग से किया.
उसी दिन शाम को ट्रेन से पहले मधुपूर ले गया. जहां उसने छोटू के दादा को फोन कर पहली बार फिरौती मांगी. इसके बाद प्रमोद दास और उसका साला छोटू को लेकर मुजफ्फरपुर चला गया. जहां मुजफ्फरपुर के मानिकपुर गांव निवासी अब्दुल खालिद और करजा गांव निवासी अल्ताफ के हाथों छोटू को सौंप दिया. दोनों ने छोटू को अपने साथ रखा था. नगर थाना की पुलिस जांच के क्रम में दोनों को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर गिरिडीह लायी और बच्चे को सुरक्षित बरामद किया.
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