JamshedpurJharkhandJharkhand StoryKhas-KhabarLead NewsRanchi

World Vitiligo Day: जमशेदुपर में जुटे डर्मिटेलॉजिस्ट्स, कहा- लाइलाज नहीं है सफेद दाग, निदान संभव

Jamshedpur: आदित्यपुर में होटल क्रूज में रविवार को झारखंड के अलग अलग जिलों सहित दूसरे राज्यों के भी कई डर्मेटोलॉजिस्ट्स और अन्य विशेषज्ञ वर्ल्ड विटिलाइगो डे पर जुटे. कार्यक्रम का आयोजन IADVL झारखंड की तरफ से किया गया था. मौके पर रांची की डॉ रानी ने कहा कि आज भी विटीलाइगो यानि सफेद दाग की बीमारी एक सोशल स्टिगमा बनी हुई है. लोग इस भ्रम के शिकार हैं कि यह छूने से फैलता है. यह ऑटो इम्यून डिजीज है. कई बार इसके जेनेटिक कारण होते हैं लेकिन जानकारी के अभाव में लोग सफेद दाग से पीडित लोगों के साथ सहानुभूति न दिखाकर उनसे दूरी बनाते हैं. इसका मरीज पर बुरा प्रभाव पडता है. ऐसे में इसका इलाज एक चुनौती बन जाती है. ऐसे में बेहतर इलाज के लिए सकारात्मक सोच जरुरी है.
इसे भी पढ़ें: ओलंपिक दिवस पर झारखंड वॉलीबॉल संघ ने वॉलीबॉल कार्यशाला का किया आयोजन

नेहा ने बताया कि अब झारखंड में वे तमाम सुविधाएं इस बीमारी को लेकर उपलब्ध हैं, जो कभी बाहर ही उपलब्ध होती थीं. इसलिए यहां इससे पीडित लोगों को घबराना नहीं चाहिए. कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुंबई के डॉ राजेश कुमार, राउरकेला के डॉ देवजीत, भुवनेश्वर एम्स के डॉ सीएस सरकार और अन्य ने भी सफेद दाग के इलाज, समाज में व्याप्त भ्रांतियों और अन्य विषयों पर अपने विचार रखे.

एक प्रतिशत लोग हैं पीड़ितः राजीव

कार्यक्रम में डॉ राजीव ठाकुर ने बताया कि हर साल वर्ल्ड विटिलाइगो पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होता है ताकि मरीजों को सकारात्मक सोच के साथ अपने इलाज के लिए प्रेरित किया जा सके. साथ ही त्वचा विशेषज्ञों की चुनौतियों पर विचार विमर्श किया जा सके. दुनिया के एक प्रतिशत लोग सफेद दाग से पीडित हैं. नित नए दिन मेडिसिन और सर्जरी के क्षेत्र में नई टेक्नॉलोजी आ रही है. इससे मरीजों और डॉक्टर दोनों को पहले से सहूलियत बढ गईं हैं. कार्यक्रम में सफेद दाग से लेकर विभिन्न विषयों पर विचार गोष्ठी रखी गई. इसमें व्यापक तौर पर इलाज के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई. इस दौरान स्थानीय विशेषज्ञों ने बाहर से आए विशेषज्ञों के समक्ष इलाज के दौरान आ रही चुनौतियों को साझा किया और मार्गदर्शन भी प्राप्त किया.

Related Articles

Back to top button