न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बाहर के लोक उपक्रम आकर कर रहे झारखंड में काम, हमारे निगम काम पूरा ही नहीं करते…..

331

Ranchi : झारखंड में तीन सौ करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स को बाहर के लोक उपक्रम पूरा कर रहे हैं. सरकार की ओर से दिये गये कार्यादेश को कंपनियां छह माह पहले ही पूरा कर रही हैं. इतना ही नहीं कंपनियां पुरानी शिड्यूल ऑफ रेट्स (एसओआर दर) पर ही अपने अधिकतर काम को पूरा कर रही हैं. खास कर उच्चतर और तकनीकी शिक्षा विभाग में ही इंजीनियरिंग प्रोक्यूरमेंट इंडिया लिमिटेड (इपीआइएल) 200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम कर रही हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय निर्माण निगम लिमिटेड (यूपूआरएनएल) भी 75 करोड़ रुपये का कंस्ट्रक्शन का काम राज्य में कर रही हैं.

इसे भी पढ़ें- पाकुड़ में मनरेगा घोटाला : शिबू सोरने के नाम पर 1,08,864 रुपये की अवैध निकासी

निविदा तक सीमित रह गया है भवन निर्माण निगम लिमिटेड

यहां यह बताते चलें कि झारखंड सरकार ने झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड नामक एजेंसी बनायी है. यह एजेंसी राज्य सरकार के सरकारी महकमों के बड़े भवनों को बनवाने के लिए सिर्फ निविदा ही आमंत्रित कर रही है. प्रोजेक्ट भवन के बगल में बने आलीशान कार्यालय में संविदा पर अभियंताओं को रखा गया है. इस एजेंसी ने अब तक झारखंड में किसी भी सरकारी काम को पूरा नहीं किया है. इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में एजेंसी के पास कोई तकनीकी विशेषज्ञता भी नहीं है. एजेंसी के सबसे उंचे ओहदे एमडी के पद पर एक आइएएस अफसर की प्रतिनियुक्ति राज्य सरकार की तरफ से की गयी है.

इसे भी पढ़ें- जहरीली शराब से 7 की मौत के बाद पुलिस हुई रेस, शराब माफियाओं की तलाश जारी

palamu_12

बाहर की लोक उपक्रम समय पर झारखंड में पूरा कर रही हैं काम

उच्चतर और तकनीकी शिक्षा विभाग की तरफ से दुमका में महिला पोलिटेक्निक का काम रिकार्ड 18 महीने में पूरा कराया गया. इपीआइएल ने यह काम 25 करोड़ की लागत में पूरा किया. यही कंपनी राजधानी रांची के नामकुम में राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय का निर्माण कर रही है. 80 करोड़ की लागत से बननेवाला यह भवन नवंबर 2018 में बन कर तैयार हो जायेगा. कंपनी को बीआइटी सिंदरी में छात्र, छात्राओं के तीन-तीन सौ बेड का छात्रावास बनाने, नया क्लासरूम बनाने और संस्थान के जिर्णोद्धार का काम भी मिला हुआ है. कंपनी ने 2015  के शिड्यूल दर पर ही बगैर पुनरीक्षित प्राक्कलन के बीआइटी सिंदरी का काम पूरा किया है.

इसके अलावा रामगढ़ के गोला में भी पोलिटेक्निक का निर्माण इपीआइएल ने डेढ़ साल में पूरा कर एक कीर्तिमान बनाया है. उत्तर प्रदेश की एक पब्लिक सेक्टर यूनिट यूपीआरएनएल लिमिटेड भी दूसरी ऐसी सरकारी एजेंसी है, जो झारखंड में 100 करोड़ से अधिक का काम कर रही है. यूपीआरएनएल लिमिटेड ने सिमडेगा और देवघर के मधुपुर में पोलिटेक्निक का निर्माण समय से पहले पूरा कर दिया. कंपनी को खूंटी में पोलिटेक्निक संस्थान का भवन बनाने की जवाबदेही भी सौंपी गयी है.

 

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: