
Kolkata : कोरोना से मरनेवाले व पीड़ितों की संख्या छिपाने के लगातार लग रहे आरोपों के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को यह स्वीकार किया है कि राज्य में 105 ऐसे लोगों की मौत हुई है जो विभिन्न अस्पतालों में इलाज के दौरान कोरोना पॉजिटिव थे. पर सरकार ने इनमें से केवल 33 लोगों की मौत कोरोना की वजह से माना है. बाकी 72 के बारे में कहना है कि वे कोरोना पॉजिटिव तो थे लेकिन उनके शरीर में और भी कई ऐसी बीमारियां थीं जिसकी वजह से उनकी मौत हुई है. इसलिए राज्य सरकार ने उनकी मौत कोरोना से होने की स्वीकृति नहीं दी है.
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ऑडिट कमेटी करती है फैसला
राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने गुरुवार शाम सचिवालय में मीडिया से कहा कि दरअसल पश्चिम बंगाल सरकार ने कोरोना से होनेवाली मौत का विश्लेषण करने के लिए एक ऑडिट कमेटी का गठन किया है. कोई भी मरीज अगर अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव है और इलाज के दौरान उसकी मौत हो जाती है तो सरकार उसकी मौत को सीधे कोरोना से हुई मौत नहीं मानती.
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सरकार द्वारा गठित कमेटी मृतक के मेडिकल हिस्ट्री का विश्लेषण करती है. कमेटी 30 बिंदुओं पर अवलोकन कर तय करती है कि मरनेवाला व्यक्ति कोरोना की वजह से मरा है या किसी और बीमारी से. मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने बताया कि 105 में से 33 लोगों की मौत तो कोरोना से हुई है लेकिन बाकी के 72 लोग अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे और मृत्यु से पहले उनमें कोरोना का संक्रमण हो गया. इसीलिए सरकार ने उनकी मौत को कोरोना से हुई मौत नहीं माना.
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आर्थिक मदद से वंचित रह जायेंगे परिजन
बंगाल सरकार के इसी बयान की वजह से लोगों के बीच डर पसरता जा रहा है कि राज्य सरकार कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा छिपा रही है. दरअसल केंद्र और राज्य की सरकारें कोरोना से मरनेवाले लोगों के परिजनों को आर्थिक मदद देती है. अगर इस तरह से सरकार कोरोना से मौत होने के बावजूद मरनेवालों को कोरोना से हुई मौत नहीं मानेगी तो उनके परिजन इस मदद से वंचित रहेंगे. इसलिए राज्य सरकार के खिलाफ गुस्सा भी पनप रहा है.
पहले तो बंगाल सरकार ने मौत का पूरा आंकड़ा स्पष्ट नहीं किया था लेकिन जब नरेंद्र मोदी सरकार की केंद्रीय टीम ने राज्य से उन सभी लोगों की सूची मांगी जो मरने से पहले कोरोना पॉजिटिव थे, तब जाकर राज्य सरकार ने खुलासा किया था कि ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जो कोरोना पॉजिटिव तो थे लेकिन सरकार ने उनकी मौत को कोरोना से मौत नहीं माना है. अब इनके आंकड़े का भी खुलासा धीरे-धीरे हो रहा है.
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