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संघर्ष करना होगा, नहीं तो दलित-आदिवासी के विरुद्ध बन रहे कानून जीना मुहाल कर देंगे : हेमंत सोरेन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर झारग्राम से जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष ने किया जनसभा को संबोधित

Ranchi : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में झारखंड की सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा भी मैदान में है. इसे लेकर पार्टी के तमाम बड़े नेता अब झारखंड से सटे इलाकों में चुनावी जनसभा को संबोधित करने लगे हैं.

गुरुवार को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारग्राम के जामदा उतरायण क्लब मैदान में रैली को संबोधित कर चुनाव प्रचार का आगाज किया.

उन्होंने कहा कि आज देश की जो स्थिति है, उससे वह दिन दूर नहीं, जब इस देश में खून सस्ता और पानी महंगा होगा. वर्तमान समय में चिंता का विषय है कि आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यकों को चक्की में पीसा जा रहा है.

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जिस तरीके से हम लोगों के विरुद्ध नये-नये कानून बन रहे हैं, उसमें गरीबों का जीना दूभर हो जायेगा. रैली में मंत्री चंपई सोरेन, विधायक समीर मोहंती, रामदास सोरेन, सुप्रियो भट्टाचार्य, जेएमएम बंगाल प्रभारी बिट्टू मुर्मू, हिदायत खान ने जनसभा को संबोधित किया.

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आदिवासी व दलित समाज अपना हक-अधिकार नहीं ले सका

जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि आज जिस प्रकार से चुनाव होते हैं, पैसे और धन दौलत की बदौलत यह सब हो रहा है. आदिवासी दलित समाज अपना हक व अधिकार नहीं ले पा रहे हैं.

लेकिन यह सुखद है कि समय-समय पर हमलोगों के बीच से ऐसे लोग जरूर आते हैं, जो ऐसे सामंतवादी विचारवालों को मुंहतोड़ जवाब देते हैं.

अलग राज्य का सपना देखने की सोच रखने के लिए गुरु जी शिबू सोरेन ने जब आंदोलन की बात की थी, तो लोग हंसते थे. लेकिन आज हकीकत सबके के सामने है. हेमंत सोरेन ने कहा कि जिसने लक्ष्य को साधा. वह लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करता है.

यह तो आरंभ है, हम फिर आयेंगे

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा एक बाऱ फिर चुनावी मैदान में है. यह तो आरंभ है. हम फिर आयेंगे. यहां के आंदोलन के सिपाही जो 70 के दशक के थे, उनको जगाने का कार्य पार्टी ने बखूबी किया था, ताकि इस क्षेत्र में रहनेवाले गरीब आदिवासी दलित को अपने हक व अधिकारों से वंचित न रहना पड़े. झारखंड मुक्ति मोर्चा का यह पहला कार्यक्रम है.

हमें भीड़ की चिंता नहीं. हम लोग बूंद-बूंद घड़ा भरने वाले लोगों में से हैं. क्षेत्र के लोगों की जो मांग है. उस मांग, अधिकार के साथ हमलोग क्षेत्र में आंदोलन की नयी ज्योति जगायेंगे. आपके हक, अधिकार और लड़ाई में हमारे पूर्वजों ने आपका साथ दिया है. आने वाले समय में भी पूरा संगठन बंगाल के क्षेत्र में सक्रिय होगा, जिससे हम अपने पुराने सपने को पूरा कर सकें.

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