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Good News : रांची विवि के अनुबंध पर नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को जल्द मिलेगी सैलेरी

अनुबंध शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल रांची विवि के वीसी से मिला

Ranchi : रांची विवि के अंतर्गत पीजी विभागों और विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत 400 अनुबंध शिक्षकों को जल्द बकाया मानदेय का भुगतान किया जायेगा.

लंबित मानदेय भुगतान को लेकर रांची विवि अनुबंध शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल रांची विवि वीसी डॉ रमेश कुमार पांडेय से मिला. जहां उन्होंने लंबित मानदेय भुगतान को लेकर अपनी बात रखी.

इस संबंध में अनुबंध सहायक प्राध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष निरंजन कुमार ने बताया कि वीसी ने बातचीत के दौरान कहा कि विभिन्न विभागों और कोलेजों में कार्यरत शिक्षकों के मानदेय का बिल कॉलेजों से बनवा कर लायें.

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बिल मिलने के दो दिन बाद ही मानदेय का भुगतान किया जायेगा. उन्होंने बताया कि रांची विवि के कई कॉलेज शिक्षकों के मानदेय का बिल नहीं बनाना चाहते हैं. ऐसे में वीसी के साथ हुई बातचीत के बाद अनुबंध सहायक प्राध्यापक संघ सभी कॉलेजों में जा कर मानदेय का बिल बनाने को कहेगा. अगर कॉलेज ऐसा नहीं करते हैं तो फिर आंदोलन किया जायेगा.

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सत्याग्रह आंदोलन पर बैठे अनुबंध सहायक प्राध्यापक

रांची विवि के अलावा कोल्हान विवि और बीबीकेएमयू के अनुबंध सहायक प्राध्यापक अपनी मांगों को लेकर राजभवन के सामने अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन पर चले गये हैं.

वर्तमान सरकार ने पिछले वर्ष प्रतिपक्ष में रहते हुए इन शिक्षकों से वादा किया था कि सरकार बनने पर घंटी आधारित शिक्षकों की मांग पूरी की जायेगी, लेकिन आज तक इस सत्य से राज्य सरकार न सिर्फ विमुख हो चुकी है, बल्कि तीन वर्षों तक सेवा लेने के बाद 31 मार्च से इनकी सेवा भी समाप्त कर रही है. अतः सरकार द्वारा किये गये अपने वादे का पालन करने का आग्रह करने के लिए उच्च शिक्षा में कार्यरत शिक्षक शांतिपूर्ण सत्याग्रह आंदोलन कर रहे हैं.

घंटी आधारित शिक्षकों का कहना है कि उच्च शिक्षा विभाग के संकल्प संख्या-04, दिनांक 01-01-2021 के कंडिका संख्या- 3 (ख) में कर्णांकित घंटी आधारित अनुबंध शिक्षक के पुनर्चयन के लिए नए पैनल के गठन का निर्देश देकर उनके साथ सरासर अन्याय किया गया है.

जिसे अविलंब संशोधित करने एवं पूर्व के पैनल (02-03-2017) पर कार्यरत घंटी आधारित अनुबंध सहायक प्राध्यापकों को निश्चित मासिक मानदेय के साथ 65 वर्षों की आयु तक सेवा विस्तार करने की मांग सरकार से की गयी है.

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