न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बोकारो: एक साल पहले बनी सड़क को उखाड़ पथ निर्माण विभाग कर रहा चौड़ीकरण

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एक करोड़ 22 लाख की लागत से बनी थी करीब तीन किलोमीटर लम्बी सड़क

2,890

Prakash Mishra

Bokaro: सरकारी पैसे की लूट का खेल देखना है तो बोकारो जिले के चास प्रखंड स्थित सुनता पंचायत पहुंचे. इस पंचायत के कई टोलों को जोड़ने वाली घटियाली और मोहनडीह गांव के बीच आरईओ पथ से जोड़ने के लिए सड़क एक साल पहले ही बनी थी. करीब तीन किलोमीटर लम्बी सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनायी गयी थी.

इसे भी पढ़ेंःधनबादः कीर्ति आजाद का विरोध, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिखाये काले झंडे

चौड़ीकरण के नाम पर उखाड़ी सड़क

महज एकसाल पहले बनी सड़क को अब उसके चौड़ीकरण के नाम पर पथ निर्माण विभाग बोकारो की ओर से उखाड़ने का काम किया जा रहा है. ताकि वहां पर करीब पांच मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण हो सके. यह सड़क पश्चिम बंगाल की सीमा तक बनी हुई है.

जबकि एक साल पहले तक यह सड़क चलने लायक नहीं थी. चारों तरफ पत्थर बिखरे हुए थे. आमलोग इस सड़क का उपयोग न कर कच्ची सड़क पर चलना पसंद करते थे.

लेकिन जब सड़क ठीक से बन गई. लोग जब इस सड़क का इस्तेमाल करने लगे तो चौड़ीकरण के नाम पर करीब एक करोड़ 22 लाख की लागत से बनी सड़क को उखाड़ने का काम शुरु हो चुका है. जिससे लोगों में काफी आक्रोश भी है.

इसे भी पढ़ेंः चुनावी बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 30 मई तक चुनाव आयोग को चंदे की जानकारी दें पार्टियां

एक ही सड़क पर विभाग फिर करेगा करोड़ों खर्च

एक वर्ष पूर्व बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण विकास विभाग(ग्रामीण कार्य मामले) कार्य प्रमंडल बोकारो की ओर से निर्माण कराया गया था. उस समय सड़क निर्माण की लागत एक करोड़ 22 लाख आयी थी.

Related Posts

गोमिया : विद्यालय परिसर की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास, दबंगों ने जेसीबी से नींव खोदी

ग्रामीण क्षेत्र चतरोचट्टी में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ चुका उत्क्रमित उच्च विद्यालय चतरोचट्टी का नाम पूरे चतरोचट्टी थाना क्षेत्र में बच्चे-बच्चे की जुबान पर है

SMILE

जबकि इसे पांच वर्षो से सामान्य मरम्मति का काम भी संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाना है. लेकिन इस बीच इसके चौड़ीकरण के नाम पर फिर से विभाग करोड़ो खर्च कर रहा है. जिससे स्पष्ट हो रहा है कि विभाग के द्वारा डीपीआर बनाते वक्त इसका ध्यान नहीं रखा गया और आनन-फानन योजना को बनाकर इसकी निविदा निकाल दी गई.

अधिकारियों ने साधी चुप्पी

अब इस मामले को लेकर पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के पास कोई जबाव भी है.

एक सड़क को दो अलग-अलग विभागों के द्वारा एक साल के अंतराल में बनाया जाना, इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.

वहीं चुनावी मौसम में किसी भी दल के नेता इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. लेकिन मामले की जांच करायी जाये, तो डीपीआर बनाने में बरती गई लापरवाही के मामले में पथ निर्माण विभाग के कई अधिकारी फंस सकते हैं.

मामले पर पथ निर्माण विभाग बोकारो प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता प्रेम प्रकाश सिंह ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही बोकारो में कार्यभार संभाला है.

ऐसे में उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. साथ ही कहा कि अगर ऐसा हो रहा है तो डीपीआर बनाते वक्त इसका ध्यान नहीं रखा गया है. मामले को देखा जायेगा, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

इसे भी पढ़ेंःरेंजर पद हुआ गजेटेड, भर्ती नियमावली व बहाली अधियाचना भी भेजी, लेकिन कुंडली मारकर बैठ गया JPSC

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: