न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रेंजर पद हुआ गजेटेड, भर्ती नियमावली व बहाली अधियाचना भी भेजी, लेकिन कुंडली मारकर बैठ गया JPSC

1,809
  • 17 दिसंबर 2018 को झारखंड वन क्षेत्र पदाधिकारी सेवा भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त नियमावली लागू हुई.
  • वन विभाग ने 70 पदों में रेंजर नियुक्ति की अधिसूचना जेपीएससी को भेजी, अब तक कोई विज्ञापन जारी नहीं.

Ranchi : लंबे जद्दोजहद के बाद झारखंड में रेंजर (वन क्षेत्र पदाधिकारी) का पद गजेटेड (राजपत्रित) हुआ. इसके बाद 17 दिसंबर 2018 को झारखंड वन क्षेत्र पदाधिकारी सेवा भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त नियमावली लागू हुई.

नियमावली लागू होने के साथ ही वन विभाग ने रेंजर की नियुक्ति के लिए जेपीएससी को अधियाचना भेजी. झारखंड लोक सेवा आयोग को 70 पदों पर रेंजर की नियुक्ति के लिए अधियाचना भेजी गई है. लगभग चार माह गुजर गए लेकिन अब तक इस पर जेपीएससी ने कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है.

hosp3

नियमावली में कहा गया गया है कि वन क्षेत्र पदाधिकारी के पद पर सीधी भर्ती जेपीएससी की अनुशंसा पर की जायेगी. इसके लिए जेपीएससी प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन करेगा.

इसे भी पढ़ें- पूर्व सेना प्रमुखों की राष्ट्रपति को चिट्ठी, सेना के नाम पर राजनीति से नाराज

18 साल बाद बनी रेंजर की भर्ती नियमावली

रेंजर की नियुक्ति पहली बार 1989 में एकीकृत बिहार के समय हुई थी. उसके बाद रेंजर की नियुक्ति नहीं हुई. अलग राज्य गठन के बाद रेंजर का पद गजेटेड और नन गजेटेड के बीच झूलता रहा.

वजह यह थी कि रेंजर के लिए कोई नियमावली नहीं बन पाई थी. रेंजर एसोसिएशन ने कई बार सरकार को ज्ञापन भी सौंपा. लेकिन नियमावली बनने में 18 साल का समय लग गया. जिसके बाद 17 दिसंबर 2018 से यह नियमावली लागू हुई.

इसे भी पढ़ें- जेट एयरवेज की सभी अंतरराष्ट्रीय विमान रद्द, सरकार ने समीक्षा के दिये निर्देश

रेंजर के लिए चार चरणों में होनी है परीक्षा

नियमावली के मुताबिक रेंजर की बहाली के लिए चार चरणों में परीक्षा लेने की बात कही गई है. पहले चरण में लिखित परीक्षा होगी. दूसरे चरण में शारीरिक परीक्षण, तीसरे चरण में चिकित्सीय परीक्षण और चौथे चरण में इंटरव्यू होना है.

झारखंड वन क्षेत्र पदाधिकारी सेवा के तहत रेंजर का पद मूल कोटी का होगा. जिसका वेतनमान 9300 से 34800 रुपये निर्धारित किया गया. फिलहाल जेपीएससी सिलेबस को लेकर असमंजस में है.

इसे भी पढ़ें- चुनावी बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 30 मई तक चुनाव आयोग को चंदे की जानकारी दें पार्टियां

वन विभाग में पहले ही समाप्त हो चुके हैं 743 पद

वन विभाग में पहले ही 743 पद समाप्त हो चुके हैं. इसमें 680 पद सहायक वन संरक्षक, आरओएफ, फॉरेस्टर, रेंज क्लर्क और फोर्थ ग्रेड के शामिल हैं. वहीं राजकीय व्यापार बंद होने से 63 वन क्षेत्र पदाधिकारी के पद समाप्त कर दिए गए.

मानव संसाधन की कमी होने के कारण वन विभाग की योजनाओं के कार्यान्वयन पर प्रतिकूल असर भी पड़ रहा है. 1989 में पहली बार एकीकृत बिहार के समय रेंजरों की नियुक्ति हुई थी. लगभग 30 साल बीत जाने के बाद भी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई. वर्तमान में रेंजरों के 383 पद हैं, इसमें सिर्फ 224 रेंजर ही कार्यरत हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: