
Ranchi: हर चुनाव के बाद गठबंधन बनते हैं. लेकिन यह जरूरी नहीं कि चुनाव के समय भी गठबंधन काम आएं. क्योंकि सामान्य बात है पार्टियां सीटों पर अपना हक जमाना चाहेंगी. उक्त बातें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने प्रेस वार्ता के दौरान कहीं. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय सीपीआइएम इस बात पर अधिक ध्यान देगी कि वोटों का बंटवारा कम से कम हो. क्योंकि इस चुनाव में पार्टी चाहती है उसके सांसदों की संख्या बढ़े. देश की वर्तमान राजनीति है ऐसे में हर प्रदेश में अलग-अलग गठबंधन है. चुनाव और सीटों को लेकर पार्टियां एक होंगी ये जरूरी नहीं है. येचुरी ने रिम्स में भर्ती लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की.
सीटों पर निर्भर करेगा पीएम पद
आगामी प्रधानमंत्री को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद ही तय होगा कि पीएम कौन होगा. राहुल गांधी संभवतः पीएम हो सकते हैं. लेकिन ये पार्टियों की सीटों पर निर्भर करता है. चुनाव के पूर्व नहीं कहा जा सकता है कि पीएम कौन होगा. हर पार्टी चाहेगी कि उसके उम्मीदवार को सत्ता मिले. वर्तमान समय में नेता सभी बनना चाहते हैं. लेकिन जरूरत देश को नीतियों की है.
संसदीय कार्यप्रणाली को भंग कर रही सरकार
श्री येचुरी ने कहा कि सरकार संसदीय कार्यप्रणाली को भंग कर रही है. मंडल कमीशन को दस साल लगे ओबीसी को आरक्षण दिलाने में. पता नहीं सरकार ने किस आधार पर आरक्षण दिया है. ये दस प्रतिशत किनके लिए है, वो सरकार ही जाने. बिना किसी सर्वे के 24 घंटे के भीतर सरकार ने बिल में संशोधन किया है. ये पहली बार देश के इतिहास में हुआ. सीबीआइ, आरबीआइ, सीवीसी सब पर सरकार इस तरह मालिक बन बैठी है. यह सिर्फ वोट की राजनीति है.
किसान, मजदूर और युवा देश का एजेंडा बदलते हैं
उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी को किसान, मजदूर और युवा की याद नहीं आयी. अब जब चुनाव निकट है तो इस बार सब किसान और मजदूरों की बात कर रहे हैं. ऐसे में स्पष्ट है कि देश का एजेंडा बदलने का काम करते हैं किसान, मजदूर और युवा.
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