
Kolkata : पश्चिम बंगाल की राजनीति करवट बदलनेवाली है. राजनीतिक हलकों में यही चर्चा है. राष्ट्रपति शासन की सुगबुगाहट है. खबर यह है कि गुरुवार को कोलकाता के डायमंड हार्बर में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ के तेवर तल्ख हैं. शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने इरादे जता दिये.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर जगदीप धनखड़ ने राज्य की सीएम ममता बनर्जी से अपील करते हुए कहा, आप अगर संवैधानिक राह से भटकती हैं तो मेरे दायित्व की शुरुआत होती है. कहा कि गुजारिश करता हूं कि आप संविधान के खिलाफ काम नहीं करेंगी.
The events that happened yesterday are most unfortunate. They are a slur on our democratic fabric: West Bengal Governor Jagdeep Dhankhar https://t.co/98RyRQ10gv
— ANI (@ANI) December 11, 2020
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राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव तलब
. इस बीच केंद्र ने 14 दिसंबर को राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव को तलब किया है. राज्यपाल घटना पर अपनी रिपोर्ट भी भेज चुके हैं. इस माहौल में राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्या राज्यपाल राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने वाले हैं? राज्यपाल ने पत्रकारों से कहा, भारत के संविधान की रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है.
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राज्य में कानून और व्यवस्था की हालत खराब
राज्य में कानून और व्यवस्था की हालत बहुत खराब है. बंगाल में संविधान की मर्यादाएं टूट रही हैं. कहा कि डायमंड हार्बर में नड्डा के काफिले पर हुए हमले को लेकर ममता को माफी मांगनी चाहिए. ममता को संविधान का पालन करना होगा.राज्यपाल ने कहा कि जो कल हुआ, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हमारे प्रजातांत्रिक मूल्यों पर धब्बा है.
सबको अपनी बात रखने का अधिकार है. लेकिन कल ऐसा नहीं हुआ. सिलीगुड़ी में भी ऐसा हुआ. प्रदर्शनकारियों को डराया धमकाया गया. यह सब ऐसे दिन हुआ जब कल मानवाधिकर दिवस था. राज्यपाल ने कहा कि सरकारी मुलाजिम राजनीतिक दलों के सदस्यों की तरह काम कर रहे हैं. कहा कि ऐसे 21 लोगों की लिस्ट मेरे पास है. मैं सीएम ममता बनर्जी के साथ यह ब्योरा साझा करूंगा. मैं पहले भी इससे जुड़ी बातें साझा करता रहा हूं.
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राज्य में संवैधानिक मशीनरी फेल हो गयी है
जान लें कि भाजपा नेताओं पर हुए पथराव के साथ ही कार्यकर्ताओं पर लाठी-डंडे से हमला किया गया था. भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी काफिले में शामिल थे. उनकी गाड़ी के शीशे भी तोड़े गये. इस घटना के बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा था कि इस तरह के हमले की उन्हें पहले ही आशंका थी. उन्होंने सीएम को पत्र लिखा था.
बता दें कि हमलों के बाद धनखड़ ने राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव को तलब किया था. मुलाकात के बाद धनखड़ ने ट्वीट किया .अफसोस है कि दोनों ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले की घटना पर मुझे कोई जानकारी नहीं दी. इनके रवैये से संकेत मिलता है कि राज्य में संवैधानिक मशीनरी फेल हो गयी है.




