
Giridih : गिरिडीह के डुमरी में ग्रामीणों ने वन्यजीव की रक्षा कर मिसाल पेश की है. ग्रामीणों के ऐसे ही आचरण से वन्यजीवों की सुरक्षित रखने में वन विभाग को सफलता मिलेगी.
शनिवार को चतरा में एक हिरण की ग्रामीणों ने हत्या कर दी थी, वहीं गिरिडीह में ग्रामीणों ने तीन माह के हिरण के बच्चे को लोमड़ी का शिकार होने से बचा कर वन विभाग के पदाधिकारियों को सौंप दिया.
वन विभाग के अधिकारी उसे अपने पास रके हुए हैं और हजारीबाग के नेशनल पार्क में भेजने की प्रकिया पूरी कर रहे हैं. डुमरी के रेंजर राजीव रंजन ने यह भी कहा कि अगर जंगल में हिरण के माता-पिता कहीं मिलते हैं, तो बच्चे को वापस जंगल में भेज दिया जायेगा.
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वन विभाग के कर्मियों को डुमरी के तूईयो जंगल में उसके माता-पिता की तलाश में भेजा गया है. जानकारी के अनुसार हिरण के बच्चे को सुरक्षित करने में इलाके के ग्रामीणों ने महत्पूर्ण भूमिका निभायी.
रेंजर के अनुसार अपने तीन माह के बच्चे को लेकर उसके माता-पिता तूईयो जंगल से बाहर निकले हुए थे. इसी दौरान अचानक एक खूंखार लोमड़ी वहां पहुंची, तो लोमड़ी के भय से बच्चे के माता-पिता उसे वहीं छोड़ कर जंगल में भाग खड़े हुए.
जबकि हिरण का तीन माह का बच्चा वहीं फंस गया. इसके बाद ग्रामीणों की नजर हिरण के बच्चे पर पड़ी. ग्रामीणों ने किसी प्रकार लोमड़ी को वहां से भगा कर हिरण बच्चे को सुरक्षित अपने पास रख लिया. घटना की जानकारी डुमरी वन प्रक्षेत्र के रेंजर को दी. इसके बाद रेंजर ने ग्रामीणों से बच्चे को लेकर अपने पास रखा.
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